फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कल मंगलवार को आएंगी जेल से बाहर शहला ताहिर

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो ---
विज्ञापन


पच्चीस दिन जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आएंगी शहला
- जिला जेल पहुंचा परवाना, देर होने से मंगलवार सुबह मिलेगी रिहाई

अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज।
विकास भवन में नवाबगंज चेयरमैन की शपथ लेने के बाद वांछित चल रही शहला ताहिर को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उनके खिलाफ नवाबगंज माया अस्पताल में तोड़ फोड़ के मामले में वारंट जारी हुआ था। वहीं पीलीभीत के सुनगढ़ी थाने में धोखाधड़ी के एक मामले में भी वह फरार चल रही थी। शहला ताहिर को तीन दिन पहले जमानत मिली थी, लेकिन महीने का दूसरा शनिवार और रविवार होने के चलते उनकी जमानत का परवाना जिला जेल तक नहीं पहुंच सका। सोमवार शाम को रिहाई का परवाना जिला जेल में पहुंचा, लेकिन काफी देर हो चुकी थी। यही वजह है कि अब मंगलवार को शहला की रिहाई होगी। नवाबगंज चेयरमैन पद के चुनाव और मतगणना के दौरान भाजपा समर्थकों के साथ हुए विवाद के बाद शहला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। बीती 17 जनवरी को विकास भवन में भारी पुलिसबल की मौजूदगी में शहला के शपथ ग्रहण के बाद उनको गिरफ्तार किया गया था। करीब पच्चीस दिन तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली है। जिला जेल अधीक्षक उमेश प्रताप मिश्रा के मुताबिक परवाना आने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


दो मामलों में मिली जमानत, दो में स्टे
बता दें कि इन 25 दिनों के दौरान शहला ताहिर को दो मामलों में जमानत मिली है और दो मामलों में वह हाईकोर्ट से स्टे पर हैं। पहला मामला नवाबगंज में माया हास्पिटल से संबंधित था। अस्पताल में नवजात की मौत होने पर बवाल हुआ था, जिसको लेकर शहला और उनके पति डॉ. ताहिर समेत दो दर्जन से अधिक लोगों पर बलवा व तोड़फोड़ की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दूसरा मामला पीलीभीत में थाना सुनगढ़ी का था। इसमें शहला पर अपने पति डॉ. ताहिर को फर्जी अधिशासी अधिकारी बनाकर ज्वाइन कराने के आरोप थे। इन दोनों मामलों में शहला ताहिर की पुलिस को तलाश थी। इसके अलावा नगर पालिका मतदान के दिन हुए बवाल को लेकर उन पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था, इसमें उन्हें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे मिला है। विजय जुलूस निकालने के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने के मामले में दर्ज देशद्रोह के मामले में भी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे मिला है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें