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भाजपा विधायक ने रात में हाईवे पर लगाया जाम

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लखीमपुर खीरी। भाजपा विधायक सदर योगेश वर्मा के कार्यकर्ता से शुक्रवार को वाहन टकराने को लेकर एलआरपी चौकी प्रभारी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने कार्यकर्ता के साथ अभद्रता कर मारपीट की। सूचना पर समर्थकों संग विधायक एलआरपी चौकी पहुंच गए। नाराज विधायक पहले चौकी में ही धरने पर बैठ गए, फिर एलआरपी चौराहा पर जाम लगा दिया। नेशनल हाईवे और लखनऊ मुख्य मार्ग होने के कारण लंबा जाम लग गया। एएसपी और सीओ समेत कई थानों का फोर्स मौके पर आ गया। विधायक इस बात पर अड़े रहे कि डीएम और एसपी मौके पर आकर चौकी इंजार्ज को निलंबित और कोतवाल को लाइन हाजिर करें। तड़के तीन बजे डीएम और एसपी के पहुंचने और आश्वासन देने पर विधायक ने धरना समाप्त किया। इसके बाद ही जाम खुल सका।
शुक्रवार की रात करीब नौ बजे एलआरपी चौराहा के निकट एक कार में स्कार्पियो पीछे से छू गई। इस पर कार और स्कार्पियो सवारों में बातचीत होने लगी। इसी बीच कार सवार एक व्यक्ति ने स्कार्पियो के चालक से चाबी भी छीन ली। हाईवे पर हंगामा होने के कारण वाहनों की लंबी लाइन लगने लगी। मौके पर मौजूद दो होमगार्डों ने दोनों वाहन चालकों से वाहन किनारे करने कर मामला सुलझाने की बात कही, लेकिन कार सवार नहीं माने। होमगार्डों की सूचना पर चौकी इंचार्ज एलआरपी जेपी यादव पहुंच गए। चौकी इंचार्ज ने लंबा जाम लगने के कारण वाहनों को किनारे खड़ा करने को जब कार सवारों से कहा तो कार सवार न तो अपनी कार हटाने को तैयार हुए और न ही स्कार्पियो को हटाने दिया। इस पर चौकी इंचार्ज ने जब सख्ती दिखाई और कार की चाबी छीन ली। इस पर कार सवार भड़क उठे और चौकी इंचार्ज से तीखी झड़प होने लगी। बताते हैं कि झड़प के दौरान दोनों में हाथापाई भी हुई। हालांकि चौकी इंचार्ज हाथापाई की बात से इंकार कर रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक और चौकी इंचार्ज ने कार में सवार युवकों और महिलाओं के साथ मारपीट की। इसकी जानकारी जब विधायक योगेश वर्मा को हुई तो कार्यकर्ताओं के साथ विधायक पुलिस चौकी पहुंच गए। विधायक ने पुलिस चौकी का घेराव कर लिया और चौकी पर ही धरने पर बैठ गए। विधायक प्रभारी निरीक्षक को लाइनहाजिर और चौकी इंचार्ज समेत पूरी पुलिस चौकी को निलंबित करने की मांग करने लगे। इससे पुलिस और प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। थोड़ी देर बाद चौकी से बाहर आकर विधायक चौराहा पर बैठ गए। सूचना पर एएसपी घनश्याम चौरसिया, एएसपी/सीओ सिटी आरके वर्मा, एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह चौकी पहुंचे और विधायक को समझाकर उन्हें उठाकर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और डीएम-एसपी को मौके पर आकर कार्रवाई की बात कहने लगे। हाईवे पर विधायक के बैठने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तड़के करीब तीन बजे डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी पूनम मौके पर पहुंचीं। डीएम-एसपी ने प्रभारी निरीक्षक को लाइनहाजिर और चौकी इंचार्ज को सस्पेंड करने का फरमान सुनाया। तब जाकर विधायक शांत हुए और जाम खुल सका।
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चौकी इंचार्ज और कोतवाल पर कार्रवाई का आदेश नहीं
एलआरपी चौकी इंचार्ज और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर पर कार्रवाई का कोई आदेश दूसरे दिन भी नहीं किया गया। वहीं डीएम और एसपी छुट्टी होने के कारण किसी से भी नहीं मिले और न ही सेलफोन उठाया। काफी प्रयास के बावजूद डीएम और एसपी की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

विधायक के जानने वालों की कार में एक स्कार्पियो एक साइड में छू गई थी। जिस पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा था। हाईवे पर दोनों वाहन खड़े होने से लंबा जाम लग गया था। मैने चौकी पर चलकर मामले का निस्तारण करने को भी कहा, लेकिन विधायक पक्ष के लोग नहीं माने। विधायक के जानने वाले लोग वाहन को न हटा रहे थे न ही हटाने दे रहे थे। इस मैने चाभी ले ली थी। बस इतनी सी बात हुई थी।
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- जेपी यादव, चौकी प्रभारी, एलआरपी पुलिस चौकी

मेरे करीबी कार्यकर्ता के साथ एलआरपी चौकी पुलिस ने अभद्रता और मारपीट की। अपने कार्यकर्ता का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए उसे तत्काल इंसाफ दिलाने के लिए धरने पर बैठा। चूंकि अधिकारी मौके पर नहीं आ रहे थे, इसलिए जाम लगवाना पड़ा। डीएम और एसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित और प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है, जिस पर धरना समाप्त कर दिया है।
- योगेश वर्मा, विधायक, सदर
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