लखीमपुर खीरी। थाना मैलानी के गांव भगतपुर में पारिवारिक कलह के चलते एक युवक ने गांव के बाहर पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, थाना निघासन क्षेत्र के गांव परागी पुरवा में एक नवविवाहिता का शव घर के अंदर कमरे से लटकता पाया गया। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं।
पीपल के पेड़ से लटककर दी जान
ममरी। गांव भगतपुर निवासी हंसराम प्रजापति (28) का उसकी पत्नी मायादेवी से आए दिन विवाद होता रहता था। शुक्रवार की रात हंसराम ने घरेलू कलह से तंग आकर गांव के पश्चिम में खड़े पीपल की डाल में रस्सी बांधकर फंदा लगा लिया। शनिवार सवेरे जब लोग खेतों की ओर गए तो उसका शव फंदे पर लटकता देखकर परिवारवालों को सूचना दी। युवक की मौत से परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है। हंसराम तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दो बेटियां शिवानी (8), सान्या (5) और बेटा दिव्यांश (3) हैं। पत्नी माया देवी का कहना है कि उसका पति नशे का आदी था, मना करने पर झगड़ने लगता था। शुक्रवार की रात भी इसी को लेकर विवाद हुआ था। परिवार वालों ने घटना की सूचना पुलिस को न देकर ग्राम प्रधान हंसराम गौतम जिला पंचायत सदस्य रघुनंदन प्रसाद की मौजूदगी में पंचायतनामा भरकर दाह संस्कार कर दिया है।
रस्सी से झूलता मिला महिला का शव
निघासन। सीतापुर जनपद के गांव सुजावलपुर थाना तंबौर निवासी आशुतोष राजपूत ने बताया कि उसने अपनी बहन द्रोपदी का विवाह 18 जून 2018 में कोतवाली क्षेत्र के गांव परागी पुरवा निवासी रामचंद्र के पुत्र लक्ष्मीकांत के साथ किया था। उन्होंने बताया कि हैसियत के अनुसार दान दहेज देने के बाद भी ससुराल पक्ष वाले 50 हजार रुपये के खातिर आए दिन उसे प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे आशुतोष के मोबाइल पर मृतका के ससुर रामचंद्र ने फोन किया कि उसकी बहन ने कमरे के कुंडे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। आशुतोष ने करीब तीन मिनट बाद अपनी बहन के नंबर पर फोन किया तो पुलिस ने उसका मोबाइल उठाया। आरोप है कि घटना के तीन मिनट के अंदर पुलिस के पहुंचने से घटना संदिग्ध लगने लगी। रात में ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर पति लक्ष्मीकांत, ससुर रामचंद्र, ननद लालू, चांदनी, रोशनी, जेठ छविनाथ, देवर रामलखन सहित आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, मृतका के ससुर रामचंद्र ने बताया कि आए दिन मायके जाने को लेकर वह विवाद करती थी। रात में भी मायके जाने को लेकर द्रोपदी और लक्ष्मीनारायण मेें आपस में विवाद हुआ था। उसके बाद लक्ष्मीनारायण घर से बाहर चला गया और उसने आत्महत्या कर ली।