बांबे डाइंग शोरूम के मालिक पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर ब्लैकमेल की कोशिश करने वाली युवती के खिलाफ तो कोतवाली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी लेकिन उसके साथी को बचा दिया। इसको लेकर कोतवाली पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। वजह यह भी है कि ऐसे ही मामले में प्रेमनगर पुलिस ने इस युवती के साथ उसके साथी के खिलाफ भी चार्जशीट लगाई थी।
जुलाई में कर्मचारीनगर निवासी दलित युवती ने बांबे डाइंग शोरूम के मालिक संदीप सिंह बग्गा के खिलाफ दुष्कर्म और दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि शोरूम में सफाई के दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जांच शुरू हुई तो पता लगा कि पिंकी नाम बताकर यह युवती गांधीनगर के रेलकर्मी उमाकांत को भी ब्लैकमेल कर रही थी। उमाकांत ने पिंकी और उसके साथी वकील लखपत के खिलाफ थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट लिखाई थी। जांच में मामला सही पाया गया तो दोनों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई। ऐसा ही केस जब संदीप बग्गा के साथ हुआ तो पुलिस ने पिंकी के खिलाफ तो चार्जशीट लगाई, मगर उसके गैंग के दूसरे साथियों को क्लीनचिट दे दी। इसको लेकर पुलिस की विवेचना पर सवाल उठ रहे हैं।