ग्राम अंतुईया में एक विधवा महिला के मकान से कब्जा हटवाने गई पुलिस टीम पर ग्राम प्रधान और उसके पक्ष के करीब 50 लोगों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने पथराव के साथ फायरिंग भी की। इससे पुलिस कर्मियों को उल्टे पांव भागना पड़ा। बाद में पुलिस ने ग्राम प्रधान और तीन महिलाओं समेत 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
अंतुईया गांव की रहने वाली पुष्पा देेवी ने करीब एक माह पहले अफसरों से शिकायत की थी कि उनके मकान और भैंसों पर देवर के बेटे दुर्वेश ने कब्जा कर लिया है। वह उनके पति रामनारायण की मृत्यु हो जाने का फायदा उठा रहा है। पुष्पा देवी कई बार डीएम, एसएसपी और आईजी से मिलीं। शुक्रवार को फिर शिकायत लेकर पहुंचीं तो एसडीएम ने तुरंत कब्जा हटवाने के आदेश कादरचौक पुलिस को दिए।
शनिवार शाम चार बजे कादरचौक थाने के एसआई सत्यवीर दो सिपाहियों के साथ कब्जा हटवाने गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस वाले कब्जा हटवा रहे थे, तभी प्रधान तेजपाल समेत करीब 40-45 लोगों ने पुलिस वालों पर पथराव करते हुए हमला बोल दिया। पुलिस कर्मियों को भागते देख पीछे से हमलावरों ने फायरिंग की। इस दौरान मकान में आग भी लगा दी गई। बाद में पुलिस कर्मियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ देर बाद कादरचौक, उझानी और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके से हमलावर ग्राम प्रधान, दुर्वेश और तीन महिलाओं समेत करीब 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। कादरचौक थाने में दर्ज की गई रिपोर्ट में 21 लोग नामजद और 20-25 अज्ञात हैं। पुष्पा देवी की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है।