कुतुबशाह की ज्यारत की आंधी में गिरी दीवार के निर्माण को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस अफसर सतर्क हो गए हैं। कुतुब शाह की ज्यारत और उसके बराबर बने हनुमान मंदिर की पुलिस ने 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है। दो-दो सिपाहियों की यहां दिन और रात की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। अफसरों के निर्देश पर यूपी 100 भी यहां लगातार मूवमेंट कर रही है।
बारादरी स्थित कुतुब शाह की ज्यारत पर निर्माण को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। जब भी यहां किसी निर्माण की बात हुई तो पास ही स्थित हनुमान मंदिर से जुड़े लोगों ने इस पर एतराज किया। निर्माण की अनुमति को लेकर ज्यारत के मुतवल्ली हाईकोर्ट तक गए, प्रशासन और पुलिस की बैठकें भी हुईं और इसके बाद सिर्फ कोई क्षति होने की स्थिति में ही मरम्मत की अनुमति दी गई। पिछले दिनों एक पक्ष ने दूसरे पक्ष को निर्माण के लिए राजी करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि तुम भी निर्माण कर लो और हम भी कर लें। मगर दूसरे पक्ष ने एतराज कर दिया। इसके चलते मनमुटाव बढ़ा। पिछले दिनों आंधी में ज्यारत की दीवार की ईंटें गिरीं तो पुलिस में उसे क्षतिग्रस्त करने की शिकायत कर दी गई। पुलिस मामला बिगड़ने से बचाने के लिए मुचलका पाबंदी की कार्रवाई की, जिसमें 72 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी वेदप्रकाश वर्मा और भाजपा नेता अरुण कश्यप को भी लपेटे में ले लिया। इस पर मामला केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार तक पहुंचा तो उन्होंने एक पक्षीय कार्रवाई पर नाराजगी जताई। वहीं दूसरी ओर चुनावी माहौल में यह मामला कहीं तूल न पकड़ ले, इसको देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है। दो सिपाही 24 घंटे, यहां की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र अटल, वेदप्रकाश वर्मा और अरुण कश्यप ने इस मामले को लेकर बारादरी पुलिस से मुलाकात की।
वर्जन
कोई खुराफात न हो इसके लिए पुलिस तैनात की गई है, जो लगातार नजर रख रही है। वहां कोई भी खुराफात नहीं होने दिया जाएगा। न ही कोई नया निर्माण होगा। - नीति द्विवेदी, सीओ, तृतीय