देवरनिया। हादसे में मरे युवक का शव पांच दिन तक नैनीताल हाईवे पर कनमन गांव में शारदा नहर के पास सड़क किनारे पड़ा रहा, लेकिन किसी को पता तक नहीं चला। रविवार को तेज दुर्गंध आने पर कुछ ग्रामीण वहां पहुंचे तो झाड़ियों में क्षतिग्रस्त बाइक और शव पड़ा देखा। उनकी सूचना पर पहुंची यूपी 100 ने बाइक के नंबर से युवक की पहचान गोंडा निवासी उमाशंकर के रूप में की। उमाशंकर बरेली के सिंधुनगर में रहकर हल्द्वानी में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। वह रोजाना बरेली से हल्द्वानी बाइक से आते-जाते थे। पुलिस की सूचना पर देर शाम मृतक के परिजन भी देवरनिया थाने पहुंच गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गोंडा निवासी उमाशंकर सिंह (32) पुत्र श्याम सुंदर दास हल्द्वानी में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। वह बारादरी थाना क्षेत्र के सिंधुनगर कॉलोनी में परिवार के साथ किराये पर रोजाना बाइक से हल्द्वानी अप-डाउन करते थे। तीस अप्रैल को उमाशंकर हल्द्वानी गए थे। इसके बाद से घर नहीं लौटे। रविवार को पांच दिन बाद देवरनिया के गांव कनमन में शारदा नहर के पास उनका शव झाड़ियों में पड़ा मिला। पास में ही क्षतिग्रस्त बाइक पड़ी थी। ग्रामीणों की सूचना पर यूपी 100 मौके पर पहुंची और बाइक के कागजात के आधार पर शव की पहचान की। पुलिस के मुताबिक हल्द्वानी आते-जाते वक्त किसी समय उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। सिर पेड़ से टकराने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। झाड़ियों के बीच बाइक और शव पड़ा होने से किसी को जानकारी नहीं हो सकी। देवरनिया पुलिस ने सूचना बारादरी पुलिस को सूचना दी। बारादरी पुलिस की सूचना पर देर शाम उमाशंकर की पत्नी और परिवारवाले भी देवरनिया थाने पहुंच गए।