बरेली। शहर के युवा कंप्यूटर इंजीनियर हर्षित गुप्ता की हत्या दो साल पहले कर दी गई थी। हर्षित के बुजुर्ग पिता अशोक कुमार लैपटॉप व कंप्यूटर का शोरूम चलाते हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की कि उनके शोरूम पर लैपटॉप के बहाने आए दो लोगों ने काफी झगड़ा किया। कहा कि जैसे तुम्हारे बेटे की हत्या हुई हम जानते हैं, तुम्हारा भी यही हश्र होगा। बुजुर्ग व्यापारी की शिकायत पर इंस्पेक्टर प्रेमनगर ने मौके पर जाकर सीसीटीवी फुटेज देखी।
अशोक गुप्ता ने शनिवार को पहले एसपी क्राइम को और फिर इंस्पेक्टर प्रेमनगर को बताया कि 21 फरवरी को शाम पौने नौ बजे उनके डीडीपुरम स्थित शोरूम पर दो लोग कार से आए। इनमें एक व्यक्ति ने पॉवर केबल खरीदी तो दूसरे ने उन्हें धमकाया कि उसका पुराना लैपटॉप उनके पास है वो दे दो। उन्होंने मना किया कि उनके पास सर्विस को ऐसा कोई लैपटॉप नहीं है। तब ये लोग झगड़ा करने लगे। उन्होंने 100 नंबर पर कॉल करने की कोशिश की तो दूसरे व्यक्ति ने उनका मोबाइल छीन लिया। कहा कि सब जानता हूं कि तुम्हारे बेटे का मर्डर कैसे हुआ, तुम्हारा भी ऐसे ही होगा। पूरा परिवार खत्म किया जाएगा। इन लोगों ने उनके परिचित दूरदर्शन कर्मचारी का भी नाम लिया और कार से चले गए। शनिवार रात इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने मौके पर जाकर आसपास के लोगों से बयान लिए और फुटेज देखी तो यह ग्राहक और दुकानदार का झगड़ा नजर आया। उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता लगा कि आरोपी बताए जा रहे लोग दूरदर्शन कर्मचारी हैं और बराबर की किसी दूसरी दुकान पर लैपटॉप देकर भूल गए हैं। कहा कि और भी तस्दीक कर रहे हैं, बुजुर्ग को सुरक्षा का आश्वासन देकर लौट आए।
सवा साल में भी नहीं खुला हर्षित हत्याकांड
अशोक के युवा पुत्र हर्षित गुप्ता की हत्या चार नवंबर 2017 को घर से बाहर अपहरण करके कर दी गई थी। दो दिन बाद उसका शव बहेड़ी के आगे उत्तराखंड बार्डर पर पड़ा मिला था। पहले सीमा विवाद में मामला उलझा रहा। अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज हुई जिसमें बाद में शक के आधार पर आरोपी जुड़वाए गए। मामले में एक बार हल्की धारा में चार्जशीट लगाने की कोशिश की गई जिस पर आपत्ति के बाद विवेचना अब क्राइमब्रांच के हवाले है। सवा साल में भी नतीजा न निकलने से अशोक अवसाद में हैं।