बरेली। सूबे की सरकार भले ही किसानों के लिए बेहतर सुविधाओं का दावा करती हो, लेकिन पेंचीदा सरकारी सिस्टम किसानों का नुकसान करा रहा है। लालपुर में रहने वाले एक किसान लल्लू सिंह के मुताबिक बिजली के ट्रांसफार्मर का सामान 19 अगस्त की रात चोरी हुआ था। इस ट्रांसफार्मर से सिर्फ उसी के ट्यूबवेल का कनेक्शन था। उनके खेत में गन्ने की फसल की सिंचाई थम गई। बिजली विभाग से संपर्क किया, ताकि ट्रांसफार्मर ठीक कराकर दोबारा बिजली की आपूर्ति ली जा सके। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बिना एफआईआर की कॉपी लगाए ट्रांसफार्मर में नया सामान नहीं लग सकेगा। वह थाने पहुंचे तो पुलिस ने तहरीर चोरी की ली और एनसीआर दर्ज कर ली गई।
एफआईआर नहीं होने से बिजली विभाग कन्नी काट गया। बिजली नहीं होने से ट्यूबवेल से सिंचाई नहीं हो सकी। इससे खेत में खड़ी गन्ने की फसल सूख गई। किसान को करीब 70 से 80 हजार रुपये का नुकसान हो गया। बिजली विभाग और पुलिस महकमा के चक्कर काटते हुए छह महीने भटकने के बाद समाधान दिवस में किसान पेश हुआ। आखिरकार डीएम वीरेंद्र कुमार के आदेश पर इज्जतनगर थाने रिपोर्ट में दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि अब एफआईआर की कॉपी बिजली विभाग को दी गई है, ताकि उनके खेत पर लगा ट्रांसफार्मर ठीक हो सके।