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चाहिए महंगे मोबाइल फोन, नहीं मिलेंगे तो चुराएगा बच्चा गैंग

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बरेली। महंगे मोबाइल रखने के शौक ने नवीं-दसवीं में पढ़ने वाले बच्चों को शातिर चोर बना दिया। एक बार चोरी का चस्का लगा तो फिर बाइक चोरी पर भी हाथ आजमाने शुरू कर दिए। चुराए गए मोबाइल और बाइक बेचकर शौक पूरे होने लगे। पुलिस के हत्थे चढ़े तीन बच्चा चोरों के सोमवार से दसवीं के प्रीबोर्ड एग्जाम हैं। एग्जाम का ही हवाला देकर वे पुलिस वालों को पिघलाने की कोशिश करते हुए माफी की गुहार करते रहे, लेकिन उनके अभिभावकों ने पुलिस से दो टूक कहा कि अगर ये मोबाइल चोर हैं तो इन्हें जेल भेज दो। इसके बाद पुलिस ने तीन नाबालिग लड़कों को तो किशोर सदन भेज दिया जबकि एक बालिग आरोपी मोहित को जेल भेज दिया।
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मठलक्ष्मीपुर के चार दोस्तों को प्रेमनगर पुलिस ने शनिवार को चोरी की दो बाइक और तीन मोबाइल के साथ सलेक्शन प्वाइंट के पास से गिरफ्तार किया था। इनमें से तीन नाबालिग थे। पूछताछ में पता चला कि ये सभी लड़के नवीं और दसवीं में पढ़ने वाले हैं जो अपने महंगे शौक पूरे करने और मौजमस्ती के लिए मोबाइल और बाइक चोरी करते हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान उन्होंने डीडीपुरम और राजेंद्रनगर में कई वारदातें की हैं। पुलिस ने उनके पास से चोरी की दो बाइक और तीन मोबाइल बरामद किए थे। 20 वर्षीय मोहित राठौर ने पुलिस को बताया था कि एक बाइक उसने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पास से चोरी की थी, दूसरी बाइक कुछ दिन पहले गाजियाबाद से लौटते समय एक ढाबे से चुरा लाए थे।
रविवार को चारों का पुलिस ने चालान कर दिया। इससे पहले तीनों नाबालिग लड़कों ने पुलिस से यह कहते हुए माफी की गुहार की कि सोमवार को उनका दसवीं प्रीबोर्ड का अंग्रेजी का पेपर है, लेकिन उनके अभिभावकों ने पुलिसवालों से दो टूक कहा कि अगर इन्होंने मोबाइल और बाइक चोरी किए हैं तो इन्हें जेल भेज दीजिए। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि तीनों नाबालिग लड़के किशोर सदन भेजे गए जबकि बालिग आरोपी मोहित को जेल भेजा गया है। एक मोटर साइकिल रुहेलखंड विश्वविद्यालय से चोरी होने की बात सामने आने पर बारादरी पुलिस भी प्रेमनगर पहुंची।
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स्कूल यूनिफार्म पहनकर करते थे वारदात
इनमें एक के पिता ट्रांसपोर्टर और मां टीचर है। दूसरे के पिता ठेकेदार है। सभी ड्रेस पहनकर स्कूल के लिए निकलते थे, लेकिन स्कूल जाने के बजाय वारदात करते थे। मठ लक्ष्मीपुर से इज्जतनगर पुलिस ने दो दिन पहले तमंचा और चोरी के मोबाइल के साथ दो लड़कों को जेल भेजा था। वह दोनों भी इसी गिरोह के सदस्य थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के चार सदस्य अभी भी फरार है। दरअसल, इज्जतनगर थाने में पकड़े गए बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों की मुखबिरी पर ही सलेक्शन प्वाइंट से बाकी चार को पकड़ा जा सका। मोहित 2016 में भी मोेबाइल लूट की वारदात में जेल जा चुका है।
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