भुता (बरेली)। गांव पृथ्वीपुर में एक बुजुर्ग महिला की सिलबट्टे से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। बेटे ने लूट के इरादे से घर में घुसे बदमाशों द्वारा हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने गांव पहुंचकर जांच-पड़ताल की तो बदमाशों के आने और भागने की तस्दीक नहीं हुई। डॉग स्क्वाड घर के बाहर रखे पुआल के इर्द-गिर्द घूमने के बाद बड़े बेटे रोहताश के घर तक गया। पुलिस ने शक के आधार पर रोहताश के बेटे मंजीत को हिरासत में ले लिया है।
रविवार रात 62 वर्षीय त्रिलोकी देवी अपने घर में सो रही थीं। कमरे का दरवाजा खुला था। परिवार के मुताबिक, रात में बदमाश लूट के इरादे से घर में घुसे और त्रिलोकी देवी की सिलबट्टा से सिर कुचलकर हत्या कर दी। छोटे बेटे श्रवण कुमार ने बताया कि मां अलग मकान में सोती थीं। सोमवार सुबह उनकी बेटी सुमन नहाने के लिए दादी के मकान में पहुंची। उसने आवाज लगाकर दादी को बुलाया, लेकिन जब प्रतिक्रिया नहीं मिली तो वह अंदर गई। वहां खून से लथपथ दादी की लाश देखकर उसकी चीख निकल गई। उसकी चीख सुनकर आसपास की महिलाएं आ गईं। श्रवण ने बताया कि बदमाश मां के जेवर और पांच हजार की नकदी लूट ले गए। एसपी देहात सतीश कुमार ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड को बुलाकर छानबीन कराई।
बड़े बेटे की जगह छोटे को नौकरी दिलाने का था विवाद
त्रिलोकी देवी के रोहिताश और श्रवण कुमार दो बेटे हैं। उनके पति काशीराम शिक्षक थे। 1998 में सेवाकाल के दौरान ही उनकी बीमारी से मौत हो गई थी। मृतक आश्रित में त्रिलोकी देवी ने बड़े बेटे की जगह छोटे बेटे श्रवण को स्कूल में चपरासी की नौकरी दिलवाई थी। वह भगवंतापुर में कार्यरत है। बड़े की जगह छोटे बेटे को नौकरी दिलाने को लेकर परिवार में कलह थी। दिवाली मनाने के लिए त्रिलोकी देवी ने पेंशन के पांच हजार रुपये भी निकालकर छोटे बेटे को दिए। बड़े बेटे के हादसे में चोटिल होने के बाद भी मदद नहीं की। बंटवारे में बड़े बेटे के हिस्से में 11 बीघा, जबकि छोटे के हिस्से में 21 बीघा जमीन आई। पुलिस के मुताबिक, हत्या के तार परिवार के सदस्यों से जुड़े हो सकते हैं।
हत्या में बाहरी लोगों के शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस की जांच इशारा करती है कि कोई परिवार का ही शख्स हत्याकांड में शामिल है। कई संदिग्ध बातें भी सामने आईं हैं। - सतीश कुमार, एसपी देहात