टप्पेबाजों से पुलिस का दो बार आमना-सामना, पंजे से बाहर
- उड़ीसा के गिरोह पर टप्पेबाजी करने का अंदेशा
- बदमाशों को पकड़ने के लिए मंडल में हाई अलर्ट, हाईवे पर लगातार चेकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
सराफों से लाखों की टप्पेबाजियां उड़ीसा का गिरोह कर रहा था। एसपी क्राइम रमेश भारतीय की टीम ने गिरोह के तीन बदमाशों को भी ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की। मंडल में इन बदमाशों को देखा भी जा चुका है। पुलिस पिछले दो दिनों से उड़ीसा के तीन बदमाशों को ढूंढ रही थी। खास बात है कि एक ही दिन में पुलिस का बदमाशों से दो बार आमना सामना हो गया, लेकिन हर बार टप्पेबाज पुलिस के पंजे से बच निकले। पुलिस ने मंडल में अलर्ट जारी कर दिया है। बदमाशों की धरपकड़ के लिए हाईवे पर लगातार वाहन चेकिंग करवाई जा रही है।
वारदातों के बाद पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिली, जिसमें बदमाश और बाइक नजर आई। उनकी पहचान करने पर उड़ीसा के एक गिरोह का नाम सामने आया। पुलिस के रिकार्ड में बदमाश पहले भी लूटपाट कर चुके थे। उनकी तस्वीरों के आधार पर जनपद की पुलिस ने सभी मोटर साइकिल स्टैंड पर जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि जंक्शन स्थित एक मोटर साइकिल स्टैंड पर लाल और काले रंग की दो पल्सर बाइक पिछले पांच दिनों में सुबह निकलने के बाद शाम तक वापस आ रही हैं। स्टैंड के मालिक को बाइक और बदमाशों की तस्वीर दिखाने पर वह पहचान भी गया। पुलिस जब स्टैंड पर पहुंची, बाइक निकल चुकी थीं। एक टीम सादी वर्दी मेें स्टैंड पर तैनात रही, लेकिन बाइक वाले बदमाश लौटकर नहीं आए।
पुलिस को चकमा देने में बदमाश कामयाब
पुलिस की टीमों को बदमाशों की तस्वीर मुहैया करवाकर खोजबीन शुरू की गई, बताते हैं कि संजय नगर में एक बाइक सवार बदमाश से पुलिस को आमना सामना हो गया, बाइक सवार बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। वहीं शाम को सैटेलाइट के पास भी बदमाश देखा गया, लेकिन पुलिस जब तक घेराबंदी करती बदमाश भाग चुका था।
खासतौर पर बरती जा रही सक्रियता
बदमाशों के शहर में देखे जाने के बाद अब मंडल में हाई अलर्ट जारी किया गया है। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि बदायूं, शाहजहांपुर में भी बरेली की तरह ही वारदात हो चुकी है। सिर्फ पीलीभीत में वारदात नहीं हो पाई थी, इसलिए वहां खासतौर पर सक्रियता बरती जा रही है।
हेलमेट के बदले हर दिन सौ रुपये
स्टैंड वाले ने बताया कि एक बदमाश के पास हेलमेट था, जिसको रखने के एवज में उसको हर दिन का सौ रुपया दिया जाता था। बदमाश किसी से बात नहीं करते थे। बहुत कम देर स्टैंड पर रूक रहे थे। पुलिस उनको तलाश रही है।