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डॉ. शिवदत्ता रिश्वत प्रकरण : राहुल को 30 हजार क्यों देंगे, 20 हजार में तो पुलिस मान जाएगी

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बरेली। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के डॉ. शिव दत्ता पर रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच के बीच एक के बाद भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ने वाले वाकये हो रहे हैं। अब एक नया ऑडियो सामने आया है जिसमें कथित रूप से डॉक्टर के खिलाफ शुरू हुई जांच को निपटाने के लिए सौदेबाजी हो रही है। बातचीत में मामला तीस हजार और बीस हजार के बीच अटका हुआ है। डॉक्टर की पैरवी कर रहा व्यक्ति 30 हजार देने से इंकार करते हुए कह रहा है कि 20 हजार रुपये लेकर तो पुलिस मामला निपटा देगी। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता इस ऑडियो की टेक्निकल जांच कराने की बात कह रहे हैं।
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जिला अस्पताल के डॉ. शिवदत्ता पर आंवला की एक वृद्धा की कूल्हे की टूटी हड्डी के ऑपरेशन के बाद नर्स परवीन के जरिये एक हजार रुपये मांगने के आरोप लगे थे। जांच समिति के सामने डॉक्टर ने बताया था कि ड्रिल मशीन को बाहर से मंगवाने पर यह खर्चा आया था। मरीज को पहले ही बता दिया था कि मशीन वाले को एक हजार देने होंगे। अब बुधवार को एक और ऑडियो जांच समिति के डॉक्टरों को मिला जिसमें दोनों पक्षों की तरफ से एफआईआर को रोकने के लिए लेनदेन की बात कर रहे हैं। तीस हजार रुपये और मुंबई तक का टिकट मांगा जा रहा है जबकि डॉक्टर का पैरोकार कह रहा है कि इतना रुपया देना होगा तो पुलिस को ही देंगे।


नया ऑडियो: चलो दलाली करते है खुलेआम

डॉक्टर पक्ष: हां, दादा
तीमारदार पक्ष: मेरी बात हुई उनसे, पहले बहुत देर तो बोले ही नहीं। मैं चाहता हूं तुम्हीं करो। राहुल का मुकदमा है, उसी ने कराया है। मुझे डॉक्टर से आगे भी संबंध रखना है, लेकिन वो नहीं मान रहा है। भई क्या करें, बता दो। बोले, तीस हजार में करा दो, मैं बोला तीस हजार तो ज्यादा है। मुंबई जाने को कह रहा है, अपने बच्चों के साथ आने-जाने का टिकट करा दें।
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डॉक्टर पक्ष: कितना हवाई जहाज दो लोगों का.. चाचा मैं कह रहा था वो डॉक्टर से डायरेक्ट बात कर लें। क्या है न, या तो डॉक्टर से अकेले में बात नहीं करते। ठीक है न, मिश्रा जी की गलती रही। उस दिन ही क्लियर कर देते।
तीमारदार पक्ष: मैंने कहा गलत है। बीस हजार से ज्यादा नहीं हो पाएगा।
डॉक्टर पक्ष: एक काम करते हैं चाचा मुकदमा कायम हो जाने देते हैं। इससे अच्छा तो 20 हजार पुलिस को दे दें। उस दिन मीटिंग नहीं करते।
तीमारदार पक्ष: वो बोले डॉक्टर को हिंट दी थी। डॉक्टर बोले थे कि क्या मिठाई चाहिए। मिठाई की बात हुई थी। अब उसका मतलब समझो।
डॉक्टर पक्ष: ये उसी दिन खुलकर कहते, इन्होंने खुद एसआई से बार-बार फोन करा रहे हैं। इन्होंने मामला छोड़ा थोड़े हैं। मैं डॉक्टर से संबंध खराब कर लेता हूं कि मिश्रा जी 20 हजार मांग रहे हैं। संदीप से कहलाओ। चलो दलाली करते है खुलेआम।
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