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लांस नायक के हत्यारे के खिलाफ चार्जशीट

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टुल्ला : लांस नायक हत्याकांड
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हेडिंग : दुकानदार मुकरे तो रिटायर्ड फौजियों को गवाह बनाकर चार्जशीट लगाई
पुलिस ने जांच में आरोपी ध्रुव चौधरी को हत्या और राजेश को षड़यंत्र रचने का दोषी माना
कैंट थाने से चार्जशीट सीओ सिटी की पेशी में भेजी गई
राजेश के खिलाफ छेड़छाड़ के मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कैंट के सदर बाजार में दिनदहाड़े लांस नायक की हत्या के मामले में दुकानदारों की बेरुखी के बाद पुलिस ने रिटायर्ड फौजी और छेड़छाड़ पीड़िता को चश्मदीद गवाह बनाकर चार्जशीट लगा दी। बीच बाजार हुई हत्या के बाद गवाही से मुकरे दुकानदारों ने पुलिस जांच की रफ्तार धीमी कर दी थी। सेना का सख्त रुख देखकर बाद में कुछ दुकानदार गवाही के लिए तैयार हुए, लेकिन पुलिस ने दुकानदारों को गवाह बनाने का रिस्क नहीं लिया। सात रिटायर्ड फौजी, छेड़छाड़ पीड़िता सहित बीस गवाहों की मदद से पुलिस ने केस में चार्जशीट लगा दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी ध्रुव चौधरी को हत्या करने और उसके भाई राजेश चौधरी को षड़यंत्र रचने का दोषी माना है। कैंट पुलिस ने चार्जशीट सीओ सिटी की पेशी में भेजी है, यहां से कोर्ट में दाखिल की जाएगी।

सदर बाजार में 22 मार्च को लांस नायक अनिल कुमार को सरेआम दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी। बीच बाजार हुई हत्या के वक्त तमाम लोग मौजूद थे। हत्या करने के बाद ध्रुव चौधरी ने कैंट थाने जाकर सरेंडर किया था। उसने पुलिस को बयान दिया था कि बड़े भाई राजेश चौधरी को अनिल कुमार ने बाजार में थप्पड़ मारे थे, जिसकी रंजिश में उसने हत्या की है। पुलिस की कहानी के मुताबिक हत्या से कुछ देर पहले अनिल कुमार ने राजेश को इसलिए पीटा था, क्योंकि वह उनके एक फौजी दोस्त की पत्नी का पीछा करता था। उनके साथ छेड़छाड़ करता था। शिकायत होने के बाद अनिल ने राजेश को पीट दिया था।
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पुलिस ने ध्रुव के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट, आर्म्स एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। हत्या की साजिश रचने की धारा में राजेश का नाम खोला गया। वहीं एक अन्य एफआईआर पुलिस ने राजेश के खिलाफ छेड़छाड़ की दर्ज की थी। पुलिस ने छेड़छाड़ की रिपोर्ट में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी लेकिन गवाही के पेंच में हत्या की रिपोर्ट में चार्जशीट नहीं लग पा रही थी। आखिरकार कैंट पुलिस ने दुकानदारों पर भरोसा नहीं दिखाया। पुलिस ने रिटायर्ड फौजी नायक भरत सिंह सोलंकी, चंदन गिरी गोस्वामी, आजाद गिरी, मेजर चौधरी, कुलदीप कुमार सहित सात फौजियों की गवाही दर्ज की है। साथ ही छेड़छाड़ पीड़िता को भी मुख्य गवाह बनाया है।
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हत्याकांड में दर्ज रिपोर्ट में गवाही न हो पाने के चलते चार्जशीट नहीं लग पा रही थी। रिटायर्ड फौजियों की गवाहीं के बाद केस में चार्जशीट लगाई गई है। जल्दी ही इसको कोर्ट में दाखिल कर दिया जाएगा। - कुलदीप कुमार, सीओ सिटी
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