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18 बीघा जमीन के लिए भाई की एक लाख में दी थी सुपारी

Fri, 11 Aug 2017 01:27 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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बरेली/आंवला। पुस्तैनी जमीन पर कब्जा लेने के लिए एक लाख में सुपारी देकर भाई की हत्या की साजिश रचकर हिमाचल जाने का नाटक रचा। गांव के तीन लोगों के साथ मिलकर सोमपाल ने अपने भाई चंद्रपाल की हत्या कर दी। चाकू से गोदी हुई लाश मिलने के बाद पुलिस को पहला सुराग उस वक्त मिला जब गांव के नेतराम के हाथ में ताजा घाव मिला। पुलिस ने नेतराम को उठाकर पूछताछ की तो हत्या की कहानी खुलकर सामने आ गई। पुलिस ने हत्यारोपी भाई सोमपाल के घर पर दबिश दी, लेकिन वह भाग चुका था। पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को पकड़कर पुलिस लाइंस में खुलासा किया। 

एसपी देहात ख्याति गर्ग ने बताया कि गुलड़िया गांव में ननुकी लाल के तीन बेटों में चंद्रपाल, सुखदेव और सोमपाल के पास विरासत में 29 बीघा खेती थी। सुखदेव और उसकी पत्नी नत्थो की मौत होने के बाद उनके हिस्से की जमीन पर चंद्रपाल खेती करता था। सुखदेव की दो बेटियां हीराकली और गीता की शादी भी चंद्रपाल ने करवाई थी। सोमपाल चाहता था कि सुखदेवी की जमीन उसके कब्जे में रहे। विवाद भी हो चुका था, लेकिन चंद्रपाल जमीन पर कब्जा नहीं छोड़ रहा था। 
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डील हुई कि हत्या के बाद उधार के एक लाख माफ 
इसी बीच चंद्रपाल ने पड़ोस के खेत के मालिक नेतराम को एक लाख रुपया उधार दिया। चंद्रपाल उधार वापस मांगता था उसको नेतराम और दीनदयाल से विवाद होता था। दीनदयाल का भी चंद्रपाल की जमीन के पास ही खेत था। दूसरी तरफ सोमपाल जमीन पर कब्जे के लिए चंद्रपाल की हत्या की योजना बना रहा था। उसने नेतराम को भी अपने साथ मिला लिया। डील हुई कि अगर नेतराम चंद्रपाल की हत्या करता है तो उसके उधार के एक लाख नहीं देने होंगे। दूसरे शब्दों में एक लाख रुपये में सोमपाल ने भाई की हत्या की सुपारी दे दी। 

गांजा और शराब पी और सोता छोड़ चला गया
गांव का ही हरीश लाल की खाद की दुकान पर काम करने वाला खुशीराम चंद्रपाल का दोस्त था। दोनों साथ में गांजा पीते थे। बीती 26 जुलाई को चंद्रपाल और सोमपाल ने पप्पू उर्फ वीरेंद्र गुप्ता की दुकान पर बैठकर गांजा और शराब का नशा किया। एक बजे सोमपाल हिमाचल के लिए जाने की बात कहकर चला गया। चंद्रपाल नशे की हालत में दुकान पर चार बजे तक सोता रहा। योेजना के अनुसार सोमपाल ने अपनी बेटी क्रांति को आंवला स्टेशन से अंबाला स्टेशन के लिए बैठाकर वापस आ गया और खेत में छिप गया। 
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हत्या के बाद प्राइवेट वाहन से गया हिमाचल 
खुशीराम ने शाम को छह बजे चंद्रपाल को लेकर खेत पर आया। जहंा नेतराम, सोमपाल और दीन दयाल मौजूद थे। चंद्रपाल के आते ही सोमपाल ने भाई के गर्दन पकड़कर पीछे की तरफ गिरा लिया। खुशीराम और दीनदयाल ने खुरपी से वार कर दिया। नेतराम घर से चाकू लेकर आया था, जिसके वार से चंद्रपाल की मौत हो गई। इसके बाद सभी फरार हो गए। लोकेशन छिपाने के लिए सोमपाल प्राइवेट वाहन से हिमाचल चला गया। नेतराम और खुशीराम को भी 25-25 हजार मिलने थे। 
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