लखीमपुर खीरी। जिलास्तरीय छात्रवृत्ति कमेटी से निरस्त हुए नाम वाले छात्रों से ठगी की कोशिश की गई। कई महाविद्यालयों के प्राचार्य को लखनऊ के नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के नाम से कॉल करके और सीधे छात्रों के व्हाट्सएप बैंक खाता नंबर बताकर साढ़े तीन से पांच हजार तक जमा करने को कहा गया। भरोसा दिया गया कि यह रकम जमा होने के 72 घंटे बाद छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी।
इस जालसाजी का खुलासा प्राचार्यों को शक होने पर हुआ। व्हाट्सएप मेसेज के बारे में सरैंया ओयल स्थित बाबू रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज और धौरहरा स्थित चौधरी बेचेलाल डिग्री कॉलेज के बीएड और डीएलएड के विद्यार्थियों ने अपने प्राचार्य को जानकारी दी। इसके बाद प्राचार्य ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को सूचना दी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ये फर्जी कॉल हैं और दिए खाता नंबर में कोई रकम जमा न करे। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने जालसाज का पता लगाने की कोशिश में कॉल वाले नंबर पर संपर्क किया तो उसने कभी हाथ न आने की बात कही।