बदायूं में रामगंगा के तटबंध बनाने का ठेका लेने वाले एटा के दो ठेकेदारों अनिल कुमार और प्रबल प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी करके सरकारी धन हड़पने की यहां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बाढ़ कार्य मंडल के अधीक्षण अभियंता के मुताबिक दोनों ठेकेदारों ने बतौर गारंटी जो एफडी जमा की, वह जांच में फर्जी निकली।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बदायूं में रामगंगा पर बाई तरफ बने तटबंध पर डेढ़ किमी और चंदनपुर-हुसैनपुर तटबंध पर ढाई किमी तक सुरक्षात्मक कार्य की ई-निविदा निकाली गई थी। इसमें मैसर्स आरपी ग्रुप ऑफ कंस्ट्रक्शन एटा के प्रोपराइटर अनिल कुमार की दरें न्यूनतम आने के बाद उन्हें ठेका दिया गया। इस कार्य में फर्म ने एफडीआर जमा कराई थी। गारंटी में आई एफडीआर की जानकारी करने पर बैंक ने उसे फर्जी बताया। इसके बाद फर्म का ठेका निरस्त कर दिया गया। कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।