बरेली। अपने पूर्व कार्यकाल के अनुभव के आधार पर एडीजी ने क्राइम ब्रांच स्वॉट टीम की तर्ज पर अपनी अलग एसओजी बनाने का निर्णय किया है। तेजतर्रार पुलिसकर्मियों को इसमें जगह दी जाएगी। ये एसओजी पूरे जोन में घूमकर क्राइम कंट्रोल करेगी और रोज अपने काम की रिपोर्ट एडीजी को देगी। जिलों के अधिकारी बड़े मामलों को अब छुपा नहीं सकेंगे।
एडीजी जोन अविनाश चंद्र के यहां डीआईजी रहते बदायूं और शाहजहांपुर से लेकर बरेली की सीमा तक आतंक फैलाने वाले दस्यु सरगना कल्लू यादव को अंडरग्राउंड होना पड़ा था। इसकी वजह उनकी खास एसओजी थी जो स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम करती थी। संयुक्त टीम के आक्रामक तेवर से तब कल्लू की गतिविधियां सीमित हो गई थीं। उनके ट्रांसफर के बाद दूसरे अधिकारियों ने यह एसओजी भंग कर दी। अब एडीजी ने फिर से स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। अमर उजाला को उन्होंने बताया कि यह एसओजी चुनाव के बाद गठित की जाएगी। इसमें वे जोन भर से चुनिंदा स्टाफ को लेंगे। अपराध नियंत्रण के अलावा शासन की प्राथमिकता के दूसरे कार्यों में भी यह सहयोग देगी।