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खून के धंधेबाजों का दिल्ली तक फैला है नेटवर्क

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बरेली। शनिवार को जिला अस्पताल में पकड़े गए खून के धंधेबाजों का दिल्ली तक नेटवर्क फैला हुआ है। दिल्ली के रिश्तेदारों से संपर्क के बाद ही जगतपुर से खून के सौदागर ब्लड बैंक पहुंचे थे, लेकिन वहां जांच-पड़ताल में फंस गए। इसके बाद मामला निपटाने को रुपये भी वापस कराए गए। कोतवाली में भी पूरे दिन समझौता कराने वालों की लाइन लगी रही, लेकिन पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।
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बदायूं के थाना मूसाझाग अंतर्गत गांव हसनपुर निवासी सबदरशाह का बेटा मुशाहिद पीलीभीत बाईपास स्थित अल मदीना अलमास अस्पताल में भर्ती था। डॉक्टरों ने उसे खून चढ़ाने की बात कही थी। इस पर परिवार के लोगों ने दिल्ली में रहने वाले एक परिचित से संपर्क किया। इसके बाद जगतपुर निवासी मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद हसन अस्पताल पहुंचे। बातचीत के बाद सात हजार रुपये में एक यूनिट खून का सौदा तय हुआ। मुशाहिद के भाई शाहिद के साथ शनिवार रात करीब नौ बजे दोनों व्यक्ति आईएमए के ब्लड बैंक पहुंचे। बताया जाता है कि खून देने के लिए उनके साथ भोजीपुरा का एक अन्य व्यक्ति भी था, मगर ब्लड बैंक स्टाफ की पूछताछ में पोल खुलते देख वह भाग निकला। इसके बाद आरिफ और हसन भी भागने की कोशिश करने लगे, मगर शाहिद ने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा कर लिया और दोनों को पकड़ लिया। मौके पर पहुंची यूपी-100 पुलिस दोनों को कोतवाली ले आई।

समझौते के बाद लिखी गई रिपोर्ट
आरिफ और हसन के पकड़े जाने के बाद चौकी चौराहा पुलिस चौकी में समझौते की कोशिशें होने लगीं। आरोपियों ने खून के बदले लिए गए रुपये भी वापस कर दिए और देर रात समझौतानामा भी लिख दिया। मगर मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आ जाने की वजह से बात नहीं बनी और रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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सिफारिश करने वालों को पुलिस ने भगाया
रविवार को कोतवाली पुलिस ने आरिफ और हसन को जेल भेज दिया। इससे पहले कोतवाली में उनसे मिलने और मामला रफा-दफा कराने वालों की लाइन लगी रही। दो पार्षद भी कोतवाली पहुंचे, मगर पुलिस ने उन्हें हड़काकर भगा दिया।

पहले भी पकड़े गए हैं मामले
बता दें कि खून की कालाबाजारी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस खून के कई धंधेबाजों को पकड़कर जेल भेज चुकी है, मगर यह धंधा बंद नहीं हो रहा। अब पुलिस आरिफ और हसन के जरिये खून के सौदागरों का नेटवर्क तलाश रही है।
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