न्यू फरक्का एक्सप्रेस के एसी कोच में शराब के नशे में एक फौजी ने इंजीनियरिंग की छात्रा से छेड़खानी की। ट्रेन बरेली जंक्शन पहुंची तो छात्रा ने हंगामा किया जिसके बाद जीआरपी ने फौजी को हिरासत में ले लिया। आरोपी फौजी छात्रा से माफी मांगने लगा, लेकिन वह नहीं मानी। जीआरपी ने छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
दिल्ली के पालमपुर निवासी इंजीनियरिंग की छात्रा न्यू फरक्का एक्सप्रेस से अपने परिवार के कुछ लोगों के साथ वाराणसी जा रही थी। बी-2 कोच में उसकी बर्थ रिजर्व थी। इसी कोच में दिल्ली की 30 राजपूताना रेजिमेंट में नायक पद पर तैनात निखिलेश भी था जो अपने घर प्रतापगढ़ जा रहा था। छात्रा के मुताबिक दिल्ली से ट्रेन चलने के बाद फौजी ने कोच में ही शराब पीनी शुरू कर दी। छात्रा और कुछ अन्य यात्रियों ने इसका विरोध किया लेकिन वह नहीं माना। मुरादाबाद के बाद छात्रा टॉयलेट जाने के लिए बर्थ से उतरी। आरोप है कि फौजी भी उसके पीछे आ गया और छेड़खानी करने लगा। इस पर छात्रा ने शोर मचा दिया। इसके बाद कोच में हंगामा शुरू हो गया।
ट्रेन के बरेली पहुंचने के बाद छात्रा ने जंक्शन पर आकर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ यात्रियों की सूचना पर रेलवे कंट्रोल ने जंक्शन की जीआरपी और आरपीएफ को अलर्ट कर दिया था। जीआरपी ने प्लेटफार्म पर पहुंचकर फौजी को कोच से उतारकर हिरासत में ले लिया। फौजी ने अपने बचाव के लिए सैन्य अफसरों को सूचना दी तो एमसीओ का स्टाफ पहुंच गया। उन्होंने माफी मंगवाकर समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन छात्रा और उसके परिवार के लोग नहीं माने। इसके बाद जीआरपी ने छात्रा से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली और फौजी को जेल भेज दिया।
आरपीएफ की हेल्पलाइन ने फिर दिया धोखा
छात्रा के मुताबिक ट्रेन में छेड़खानी की घटना के बाद उसने आरपीएफ की हेल्पलाइन 182 पर कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर यात्रियों ने रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। इससे पहले पांच जून को लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस में लूटपाट के बाद भी यात्रियों ने शिकायत की थी कि हेल्पलाइन 182 पर उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई। इसी कारण लुटेरे वारदात कर भागने में सफल हो गए।