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रमेश ने त्रिशूल एयरबेस की रेकी की

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आईएसआई एजेंट रमेश ने की थी त्रिशूल एयरबेस की रेकी
एटीएस ने रमेश के साथ बरेली में डेरा डाला, सूचनाएं पाक को देने की पुष्टि

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली/लखनऊ। उत्तराखंड से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट रमेश सिंह को लेकर एटीएस सोमवार को बरेली स्थित सेना के त्रिशूल एयरबेस पहुंची। एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक रमेश ने बरेली में रहकर त्रिशूल एयरबेस की रेकी करके सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचाई है। सोमवार को एटीएस की टीम ने रमेश को लेकर करीब तीन घंटे तक त्रिशूल एयरबेस के इर्द-गिर्द रहकर जानकारी जुटाई। एटीएस सूत्रों के मुताबिक एजेंट ने कई अहम खुलासे किए हैं।
बरेली का आतंकी गतिविधियों से पुराना वास्ता रहा है। फरवरी 2016 में शाहबाद में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले मोहम्मद इजाज का राजफाश हो चुका है। एसटीएफ ने इजाज को गिरफ्तार करके सैन्य ठिकानों के नक्शा बरामद किए थे। इजाज जीमेल के जरिये सैन्य क्षेत्र के नक्शे, वीडियो और तस्वीर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजता था। वह करीब 15 महीने बरेली में वीडियो मिक्सिंग के काम के बहाने त्रिशूल एयरबेस, आईटीबीपी कैंप और कैंट के सैन्य क्षेत्रों की रेकी करता रहा था।
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बरेली एटीएस की टीम ने पिथौरागढ़ में डाला डेरा
दरअसल, लखनऊ एटीएस ने रमेश को रिमांड पर लिया है। उसने पिथौरागढ़ के डीडीहाट में आईटीबीपी कैंप, दिल्ली सैन्यक्षेत्र और बरेली के त्रिशूल एयरबेस की रेकी करने की बात सामने आने के बाद रविवार को एटीएस ने दिल्ली के सैन्य ठिकानों में रमेश के साथ समय बिताया। रमेश के जरिये सैन्य ठिकानों के उन हिस्सों के बारे में जानकारी जुटाई गई, जिसकी रेकी करके जानकारी सरहद पार रमेश ने भेजी थी। यही वजह है कि बरेली एटीएस ने पिथौरागढ़ में डेरा जमा रखा है।

नौकरी तलाशने की कोशिश कर रहा था जासूस
सोमवार को एटीएस रमेश को लेकर संजयनगर के पेट्रोल पंप पर पहुंची। वहां कुछ देर रुकने के बाद टीम त्रिशूल एयरबेस पहुंची। सामने आया कि रमेश ने एयरबेस के आसपास नौकरी तलाशने की कोशिश भी की थी। रमेश के बयानों से साफ जाहिर है कि वह अपने मकसद में काफी हद तक कामयाब हो गया था।
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ब्रिगेडियर की डायरी की सूचनायें आईएसआई को दीं
रमेश ने पिछले चार दिनों में एटीएस को कई अहम जानकारी दी हैं। अब एटीएस की टीम ब्रिगेडियर का बयान दर्ज कर कड़ियां मिलाएगी। एटीएस के सूत्रों का कहना है कि रमेश यह तो बता रहा है कि उसने ब्रिगेडियर की डायरी और ब्रीफकेस से सूचनाएं लेकर आईएसआई को उपलब्ध कराईं लेकिन सूचनाएं क्या थीं, इसके बारे में वह नहीं बता पा रहा है। ब्रिगेडियर का बयान दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कितनी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हाथ लगी हैं। ब्रिगेडियर फिलहाल जम्मू कश्मीर में तैनात हैं, उनको पूछताछ के लिए एटीएस ने बुलावा भेजा है।

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