जमीन की रंजिश में किसान की हत्या
पुलिस देर से पहुंची तो ग्रामीणों ने आरोपियों के दरवाजे पर डाल दी लाश
चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट, पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
इज्जतनगर के गांव गिरधारीपुर में जमीन के विवाद में शुक्रवार को किसान की पीटकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना देने के बाद भी काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने लाश ले जाकर आरोपियों के दरवाजे पर डाल दी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरधारीपुर निवासी 50 वर्षीय लालाराम शुक्रवार को शाम पांच बजे रिछा रिछा से घर लौट रहे थे, तभी गांव के नजदीक श्यामबिहारी, उसके बेटे बृजेश, रामचरन और उसके बेटे राजू ने घेर लिया। इन लोगों ने लाठी-डंडों से लालाराम को पीटना शुरू कर दिया। लालाराम किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर भागते हुए घर पहुंचे लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के गांव पहुंचने में देर होने से गुस्साए लालाराम पक्ष के कुछ लोगों ने लाश ले जाकर आरोपियों के दरवाजे पर डाल दी। इसके बाद वहां हंगामा होने लगा। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लालाराम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दोनों पक्षों में तनाव देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। लालाराम के बेटे बुद्धसेन एवं नन्हेपाल ने बताया कि महीना भर पहले आरोपी पक्ष ने उनका खेत जोत लिया था। तभी से रंजिश चल रही थी। इस मामले में नन्हेपाल की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने श्यामबिहारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
बीमारी से हुई मौत को हत्या बताया
लालाराम की हत्या के कुछ घंटे बाद ही श्यामबिहारी के पिता लेखराज की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद घरवालों ने यह अफवाह उड़ा दी कि लालाराम पक्ष के लोगों ने लेखराज की हत्या की है। खबर मिलने पर फिर पुलिस गांव पहुंची और मामले की जांच की। इसमें लेखराज की मौत बीमारी से होने की बात सामने आई।
पुलिस की लापरवाही आई सामने
गांव वालों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच चल रही रंजिश को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस अगर लालाराम की शिकायत पर कार्रवाई कर देती तो लालाराम की हत्या को टाला जा सकता था। लालाराम के बेटे बुद्धसेन ने बताया कि आरोपी एक महीने से धमका रहे थे। आरोपियों ने हफ्ता भर पहले लालाराम को घेरकर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद लालाराम ने 26 फरवरी को पुलिस से शिकायत की लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।