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बिना नाला साफ कराए खर्च हो गए 16 लाख 

Mon, 08 May 2017 01:16 AM IST
बरेली। 
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बिना नाला साफ कराए खर्च हो गए 16 लाख  - फोटो : बिना नाला साफ कराए खर्च हो गए 16 लाख 
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 (पीरबहोड़ा नाले का हाल)
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नगर निगम में बरसात से पहले नाला सफाई के नाम पर हर साल लाखों के वारे-न्यारे होते हैं। फिर भी नाले साफ नहीं हो पाते। पिछले साल भी नाला सफाई के लिए 50 लाख का बजट जारी किया गया। ये आधे अधूरी सफाई कर निपटा दिया गया। पीरबहोड़ा में एयरफोर्स स्टेशन के सामने वाले नाले की तो सफाई भी नहीं हुई। फिर भी ठेकेदार को 16 लाख का भुगतान हो गया। शिकायत की जांच हुई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार जब तक नगर निगम में रहे, उन तक नाले की फाइल नहीं पहुंची। जब वह रिलीव हो गए तो मामला ठंडे बस्ते में चला गया।  
धौरेरा माफी से एयरफोर्स बाउंड्री तक 700 मीटर लंबे नाले को साफ करने के लिए वर्ष 2015 में टेंडर किया था। इस नाले की सफाई के लिए 16.50 लाख रुपए का बजट तय था। इस नाले में एयरफोर्स स्टेशन के अलावा पीर बहोड़ा और सन सिटी इलाके का पानी गिरता है। कूड़े से पटा ये नाला बरसात में हर साल ओवरफ्लो होता है। 80 फीसदी से ज्यादा नाले पर अतिक्रमण है। पिछले साल कूड़े से पटे नाले में न तो मशीन उतारी गई और न ही मैनुअल सफाई हुई। नगर निगम की जेसीबी केवल बाहर सफाई की खानापूरी करके चली गई। बरसात से पहले 350 मीटर नाले की सफाई भी नहीं हो पाई। बरसात में जब पानी घरों में घुसने लगा तो यहां के बाशिंदों ने खुद नाले में घुसकर सफाई की। पार्षद डॉ. अजय सक्सेना ने नाला सफाई के नाम पर घपले की शिकायत नगर निगम के उच्चाधिकारियों से की। तत्कालीन नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया। आज तक नाले की फाइल ही जांच अधिकारी को नहीं सौंपी नहीं गई। अब वह नगर निगम से स्वास्थ्य विभाग में रिलीव हो चुके हैँ।
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क्या कहते हैं पीरबहोड़ा के बाशिंदे 
पिछले साल बरसात में नाला डबाडब भर गया था। बरसात से पहले सफाई के लिए न तो मशीन आई और न ही कर्मचारी। हम सबने खुद घुसकर नाला साफ किया था। इस बार भी नाला सफाई का अता पता नहीं।   - सफरुद्दीन
नाले का कूड़ा दो सालों में केवल एक बार ही निकाला गया। वह भी सिर्फ दो कर्मचारी लगाकर। हर साल नाला सफाई के नाम पर केवल खानापूरी ही होती है। बरसात में नाला हर साल चोक होता है।-  मो. इक रार, पीरबहोड़ा 
नाला सफाई के लिए न तो पिछले साल कोई मशीन इधर आई और न ही इस साल। हर साल बरसात में नाला पूरा भर जाता है। पानी घरों में घुसता है। कोई देखने वाला नहीं। - भूरा
नाला कूड़े से पटा पड़ा है। हर साल बरसात में ये नाला ओवरफ्लो होता है। नगर निगम से शिकायत के बावजूद भी कोई सफाई नाला साफ करने नहीं आया। दो साल से नाले की सफाई नहीं हुई है।- हाजी साबिर
नाला सफाई में तो 16 लाख से ज्यादा हड़प गए आज तक जांच नहीं हुई। हमारे इलाके के लोगों ने खुद नाला साफ किया। मशीन जब मोहल्ले में आई ही नहीं तो नाला साफ कैसे होगा, फिर भी भुगतान हुआ।  डॉ. अजय सक्सेना, पार्षद 
नाला सफाई में 16 लाख रुपए से ज्यादा के घोटाले की शिकायत थी। इसकी जांच मुझे सौंपी गई थी। लेकिन जब तक मैं नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहा, तब तक मुझे जांच की फाइल ही नहीं दी गई।  डा. अशोक कुमार, तत्कालीन जांच अधिकारी
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इस बार भी नाला सफाई पर खर्च होंगे 60 लाख रुपए 
मेयर डा. आईएस तोमर ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक करके बारिश से पहले ही नाला सफाई को लेकर प्लान बनाया। 60 लाख रुपए का बजट इसके लिए रखा गया है। शहर के 111 नालाें को साफ किया जाएगा। पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा के साथ मुख्य सफाई निरीक्षक विमल मिश्रा शामिल थे। पहले 8 बड़े नालों की सफाई पर काम होगा इसके बाद छोटे नालाें को साफ किया जाएगा। शहर में बड़े नालाें की संख्या आठ है। बाकी नाले छोटे हैं। नाला सफाई के लिए कोई तिथि तय नहीं की गई है। सफाई में निगम की जेसीबी और वाहनाें को प्रयोग किया जाएगा। 
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