बरेली। शहर से देहात तक चोरियां करके चर्चा में आया विकास उर्फ गोलू पुलिस की कार्रवाई से घबराया हुआ है। वह पुलिस पर ससुराल से उठाकर लाने और गोली मारने का इल्जाम तो लगा रहा है पर अपराध और बरेली छोड़ने की बात भी कह रहा है। कहता है कि अब शादी के बाद अपराध से दूर रहकर शराफत की जिंदगी गुजारना चाहता था, इस बार अजय ने फंसा दिया। अब किसी के चक्कर में नहीं फंसूंगा।
जिला अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में मौजूद गोलू पर चोरी व आर्म्स एक्ट के 11 मामले सुभाष नगर और तीन फतेहगंज पश्चिमी थाने में दर्ज हैं। गोलू ने बताया कि सीबीगंज में किराए पर रहते हुए उसे एक वैद्य की बेटी से प्यार हो गया था। उसी से दो महीने पहले इलाहाबाद जाकर कोर्टमैरिज कर ली। फतेहगंज के वसंत विहार में राजीव श्रीवास्तव के मकान में बीस जून से पत्नी के साथ किराये पर रह रहा था। कहा कि शादी के बाद अपराध छोड़ दिया था पर अजय ने आखिरी बार का वास्ता देकर चोरी करवा ली। बताया कि वह जेल से आने के बाद पत्नी को साथ लेकर बरेली से चला जाएगा। बताया कि उसकी ससुराल वालों को पुलिस ने बैठा रखा था। तब साले की मुखबिरी पर पुलिस उसे रात में ससुराल से उठा लाई और खेत में ले जाकर फायर कर दिया। वह बेहोश था, पता नहीं गोली लगी भी है या कुछ और। कहा कि सीधा पैर टूटने के बाद आठ बार ऑपरेशन हो चुका है। ऐेसे में वह भाग ही नहीं सकता, जैसा कि पुलिस कह रही है कि भागते वक्त गोली मारी। रात ढाई बजे डॉ. अखिलेश ने उसका मेडिकल परीक्षण किया तो बांये पैर में दो जगह घाव पाया। एक में ब्लैकनिंग भी थी। गोली या छर्रे की पुष्टि के लिए एक्सरे सोमवार को कराया जाएगा।
चार दिन पहले वीरेंद्र को मारी गोली
- पुलिस अब बदमाशों की गिरफ्तारी को मुठभेड़ के जरिये ही दिखा रही है। गोली मारने के जितने भी मामले हैं, उनमें बदमाश के बांये पैर में ही घुटने के नीचे गोली लग रही है। चार दिन पहले हाफिजगंज पुलिस ने बैटरी कंपनी के मुनीम से हुई लूट के मामले में मुठभेड़ दिखाई थी। इसमें शाही के बदमाश वीरेंद्र के पैर में भी यहीं गोली लगी थी। दरोगा सनी चौधरी के दायें हाथ में गोली लगी बताई गई।
इसलिए लगती है बांये पैर में गोली
- मुठभेड़ के अधिकांश मामलों में मानवाधिकार आयोग जांच कराता है। ऐसे में पुलिस को उन बिंदुओं का भी ध्यान रखना पड़ता है जहां फर्जीबाड़ा पकड़े जाने का ज्यादा डर होता है। शरीर में दायां हिस्सा ज्यादा एक्टिव होता है और उसके खराब होने पर शारीरिक क्षमता 60 से 70 फीसदी घटने का डर रहता है। इसलिए बांये हिस्से पर टारगेट किया जाता है। साथ ही कमर के ऊपरी हिस्से में गोली लगने पर भविष्य में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला दर्ज होने का खतरा होता है। बांये पैर में लगी गोली आत्मरक्षा के लिए की गतिविधि का हिस्सा बन जाती है।
सराफ और कारीगर भी पकड़े
फतेहगंज पश्चिमी। पुलिस ने गोलू से पूछताछ के बाद माल खरीदने वाले मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी एक सराफ और उसके कारीगर पंकज रस्तोगी को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि ये लोग पंकज के पास तीस लाख से ज्यादा का चोरी का सोना गला चुके हैं। कई वर्षों से उसे माल बेच रहे हैं। पंकज की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है। उस पर लाखो रुपये का कर्जा है। उसने अपना मकान गिरवी डालकर कुछ लोगों का कर्जा दिया है।
सीओ बोले- ज्यादा जानकारी नहीं
- जिला अस्पताल में गोलू को देखने आए सीओ पीतमपाल सिंह मीडिया से बचकर निकल गए। पत्रकारों ने उनसे फोन पर मुठभेड़ के बारे में पूछा तो जवाब था कि खास जानकारी नहीं है, इंस्पेक्टर से पूछिए। पूछा गया कि मुठभेड़ आपके निर्देश पर हुई है तो वह चुप हो गए। मुठभेड़ करने वाले इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी दोपहर के वक्त भी अनभिज्ञता जताते रहे। कहा कि वह अभी बाहर से आए हैं, उन्हें जानकारी नहीं है। एसपी देहात का नंबर नॉट रिचेबिल आया तो कप्तान का फोन रिसीव नहीं हुआ।