बरेली। कांवड़ यात्रा को लेकर बरेली अति संवेदनशील जिलों की सूची में शामिल है। नाथ नगरी जलाभिषेक समिति एक जुलाई से शिवालयों में सामूहिक जलाभिषेक करेगी। पिछले वर्षों में हुए बवाल को देखते हुए कांवड़ यात्रा से पहले खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। अतिसंवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों से खुफिया विभाग इनपुट जुटा रहा है।
यहां सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान कई बार बवाल हो चुका है। 22 जुलाई 2012 को मठ चौकी क्षेत्र में कांवड़ियों पर पथराव से शहर में दंगा हुआ था। सिटी स्टेशन के सामने और बानखाना में भी कांवड़ियों पर पथराव किया गया था। कई दिनों तक शहर दंगे की आग में झुलसता रहा था। दंगे के दौरान श्यामगंज में पुलिस की गोली लगने से पुराना शहर रवड़ी टोला के एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी कांवड़ यात्रा के दौरान कई बार झगड़े हुए। पिछले साल कांवड़ियों के रास्ते को लेकर बिथरी चैनपुर इलाके में बवाल हुआ था। पिछले झगड़ों को देखते हुए खुफिया विभाग ने कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कांवड़ यात्रा के दौरान पिछले वर्षों में झगड़ों के मुकदमों में नामजद हुए या शामिल रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। संवेदनशील व मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर विशेष फोकस है। कांवड़ियों के रास्ते को लेकर कोई विवाद सामने आता है तो इसकी जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी जाएगी।
ये इलाके हैं अति संवेदनशील
मठ चौकी क्षेत्र, किला, बाकरगंज, बानखाना, कालीबाड़ी, पुराना शहर, करेली, करगैना, थाना सीबीगंज व बिथरी चैनपुर के कई इलाके अति संवेदनशील हैं। देहात में फरीदपुर, बहेड़ी, शेरगढ़, आंवला, शाही थाना क्षेत्र संवेदनशील हैं।
कब कहां होगा जलाभिषेक
नाथ नगरी जलाभिषेक समिति की ओर से शहर के सात शिवालयों में सामूहिक रूप से जलाभिषेक किया जाता है। समिति पदाधिकारी जलाभिषेक के लिए पुराना शहर के श्यामगंज स्थित सेठ गिरधारी लाल मंदिर से रवाना होते हैं। एक जुलाई को जलाभिषेक श्रीत्रिवटी नाथ मंदिर में किया जाएगा। आठ जुलाई को अलखनाथ मंदिर, 15 को धोपेश्वरनाथ मंदिर, 22 को तपेश्वरनाथ मंदिर, 29 को मढ़ीनाथ मंदिर, पांच अगस्त को वनखंडीनाथ मंदिर और 12 अगस्त को पशुपति नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। कांवड़ियों के रास्ते को लेकर पहले से कोई विवाद रहा है तो उसे पहले से दूर कर दिया जाएगा। खुफिया विभाग भी अलर्ट रहेगा।
- अविनाश चंद्र, एडीजी