बरेली। दो साल से लापता मजदूर के गांव लौटने पर उसके अपहरण के आरोप में आठ महीनों से जेल में सजा काट रहे युवक के पिता ने एसएसपी के मिलकर पुलिस की सांठगांठ और लापरवाही की शिकायत की। उनके मुताबिक लापता मजदूर ने घर लौटकर पिता की लिखाई रिपोर्ट को साजिश बताया। अब पुलिस ने मामला सामने आने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कह दी। एसएसपी मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
सिरौली के गांव भूड़ा बसंतपुर निवासी संजीव पाल के खिलाफ दिसंबर 2017 में गांव के ही नत्थू ने अपने बेटे प्रेमपाल के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे कुछ दिन पहले प्रेमपाल अचानक गांव से लापता हो गया था। मामले की विवेचना एक क्षेत्राधिकारी ने करते हुए चार्जशीट लगाकर संजीव पाल को करीब आठ महीने पहले जेल भेज दिया था। पीड़ित के पिता हरपाल के मुताबिक प्रेमपाल करीब दस दिन पहले गांव लौटा तो उसने बताया कि वह मेरठ में मजदूरी कर रहा था। इसके बाद प्रधान व अन्य उसे थाने ले गए। उसने वहां पिता की कराई रिपोर्ट को गलत बताते हुए आरोपी से कोई झगड़ा न होने की बात कही। अब पुलिस वालों ने गलती सामने आने पर संजीव पाल को जेल से बाहर निकालने के लिए कोर्ट में अर्जी देने की बात कही तो पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपा।