बरेली। हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। ठगों ने एक पूरे परिवार समेत 34 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की थी। ठग कंपनी में पति-पत्नी, बेटे और बेटी-दामाद शामिल हैं।
बदायूं की बिसौली तहसील क्षेत्र के मूल निवासी अरविंद सिंह का सिरौली थाना क्षेत्र में विद्यालय है। अरविंद के मुताबिक कई साल पहले एक बच्चे के एडमिशन को लेकर उनकी जान पहचान यहां संजनगर सैनिक कॉलोनी में रहने वाले प्रमोद कुमार सिंह से हुई थी। प्रमोद ने नजदीकी बढ़ाने के बाद अरविंद के घर आना-जाना शुरू कर दिया। एक दिन प्रमोद ने हाईकोर्ट में विभिन्न वर्गों के पदों पर सीधी भर्ती निकलने की बात अरविंद से कही। उसने ऊपर तक अपनी जान पहचान बताई। कहा कि हाईकोर्ट का एक रिटायर्ड कर्मी किसी को भी नौकरी दिला सकता है। उसने भर्ती फार्म भी लाकर दिए। उसके झांसे में आकर अरविंद के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों समेत 34 लोगों ने 21 जनवरी से दिसंबर 2016 के बीच करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रमोद को दे दिए। प्रमोद सिंह की इस जालसाजी में उसकी पत्नी सुनीता सिंह, बेटा शिवम सिंह और सुंदरम सिंह, बेटी करिश्मा सिंह और दामाद अर्जुन सिंह भी शामिल रहे। आरोप है कि प्रमोद सिंह और उसके परिवार के लोगों ने ठगी की रकम से फार्म हाउस, कोठियां और गाड़ियां खरीदीं। अरविंद और उनके रिश्तेदारों को ठगे जाने की जानकारी तब हुई जब इस गैंग के चार सदस्य इलाहाबाद में पकड़े गए। अरविंद के मुताबिक इससे पहले आरोपियों के खिलाफ दो एफआईआर बदायूं के थाना उसावां और यहां इज्जतनगर में दर्ज कराई र्गइं थी।