बरेली। फैसल नाम के किशोर की चार महीने पहले किशोर सदन में मौत हो गई थी। वह अपने साथी की हत्या के आरोप में वहां बंद था। पोस्टमार्टम में उसके शरीर में तेजाब की पुष्टि हुई जिससे शरीर के कई अंग फट गए थे। फैसल की मां पुलिस अधिकारियों के यहां चक्कर लगाकर हार गई हैं पर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। अब उन्होंने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पूछा है कि हिरासत में उनके बेटे की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है? उसके खिलाफ कार्रवाई होगी भी या नहीं।
शहर के कटकुईयां निवासी रिहाना ने बताया कि मोहल्ले के ही एक बच्चे की हत्या के मामले में उनके बेटे फैसल को बाल सुधार गृह में रखा गया था। 17 मार्च को उसे सूचना मिली कि उसके बेटे की हालत खराब है। उसे किशोर सदन से जिला अस्पताल लाया गया था। उसकी मौत के बाद पेट में तेजाब होने की पुष्टि हुई। उन्हें शक है कि किशोर सदन के जिम्मेदार लोगों ने ही बेटे की साजिश के तहत हत्या कर दी। तब से वह लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं पर बेटे के हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट तक नहीं की जा रही। सरकारी विभाग एकदूसरे को बचा रहे हैं। पुलिस इसे दूसरे विभाग की जांच का विषय बताकर टाल रही है। विभाग के लोग भी चुप हैं।
पनीर खाकर बिगड़ी थी हालत
- फैसल से बातचीत के आधार पर उसकी मां ने बताया कि घटना वाली रात किशोर सदन में चिकन बनाया गया था। फैसल ने इसे खाने से मना किया तो उसके लिए पनीर दिया गया। उसी के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। उसने ये भी बताया कि उसे जबर्दस्ती बोतल में कुछ पिला दिया गया है।
- किशोर सदन में फैसल की मौत के मामले में कोई शिकायत या जांच रिपोर्ट मेरे संज्ञान में नहीं है। पुराना मामला है, हाल फिलहाल में परिवार का कोई सदस्य भी शिकायत करने नहीं आया है। - नीता अहिरवार, जिला प्रोबेशन अधिकारी