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ठग फैमिली ने 77 लोगों को लगाया पौने चार करोड़ का चूना

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बरेली। हाईकोर्ट में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती कराने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी करने वाले इस गैंग में बदायूं के उसावां क्षेत्र का एक पूरा परिवार शामिल है, जिन पर करीब पौने चार करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। यहां इज्जतनगर थाने में पति-पत्नी और उनके दोनों बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ठग गैंग के चार सदस्य अप्रैल में इलाहाबाद में पकड़े गए थे, जिसके बाद उनकी करतूत का खुलासा हुआ।
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संजयनगर सैनिक कॉलोनी के इमरत सिंह अमरोहा के मूल निवासी हैं। वह अमरोहा में ही सिंचाई विभाग में कर्मचारी थे। इमरत सिंह ने बताया कि उनके विभाग में लखनऊ के अलमबाग के सुभाष का आना जाना था। उसके जरिए उनकी मुलाकात बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र के अरधमई निवासी प्रमोद कुमार सिंह से हुई थी। प्रमोद ने धीरे-धीरे इमरत सिंह के घर आना जाना शुरू कर दिया। प्रमोद ने बताया कि उसकी हाईकोर्ट व सत्र न्यायालय में अच्छी जान पहचान है। उसने वर्ग 1 से 4 तक की नौकरी सीधी भर्ती के माध्यम से दिलाने का वायदा किया था। उस पर विश्वास करके इमरत सिंह ने अपने बेटे नवीन और दामाद हर्ष कुमार की नौकरी के लिए हामी भरने रकम भी दे थी। इमरत सिंह के मुताबिक वर्ष 2012 से 2015 तक इसी तरह नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके समेत प्रमोद ने 77 बेरोजगारों से करीब 3 करोड़ 75 लाख रुपये ठग लिए। इस बीच उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिए गए। नौकरी ज्वाइन कराने को कहकर भी ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद अफसर न होने का बहाना बनाकर लौटा दिया गया। प्रमोद की इस जालसाजी में उसकी पत्नी सुनीता और बेटा शिवम व सुंदरम भी शामिल रहे। इमरत सिंह को ठगे जाने की जानकारी तब हुई जब प्रमोद के कई साथी इलाहाबाद में पकड़े गए। गुरुवार को इमरत सिंह की ओर से थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
स्कूल मैनेजर भी हुए ठग गैंग के शिकार
बरेली। सिरौली इलाके के डीपी सिंह आदर्श विद्यालय के प्रबंधक अरविंद मूलरूप से बदायूं के रहने वाले हैं। ठग गिरोह का सदस्य प्रमोद कुमार सिंह चकबंदी विभाग में प्रधान लिपिक था। जान पहचान होने पर प्रमोद ने स्कूल खोलने के बहाने अरविंद से नजदीकी बढ़ा ली। फिर उन्हें और उनके परिवार को हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। उनके समेत 34 लोगों से 21 जनवरी से दिसंबर 2016 तक अलग-अलग तारीखों में करीब 1 करोड़ 49 लाख रुपये ठग लिए। अरविंद की ओर से थाना इज्जतनगर में तहरीर दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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इलाहाबाद में पकड़े गए तो हुआ ठग गैंग का खुलासा
बरेली। अप्रैल 2019 में इलाहाबाद में एसटीएफ और पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था। गैंग के पकड़े गए सदस्य खुद को रिटायर डिप्टी रजिस्ट्रार बताते थे। उन पर 14 सौ लोगों से 50 करोड़ से अधिक की ठगी करने का आरोप है। यह गैंग हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और चपरासी के पद और विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती कराने के नाम पर रकम वसूलते थे।
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