बरेली। बारादरी इलाके में हुई बालक की हत्या का खुलासा पुलिस के सामने चुनौती है। परिवार की कोई बड़ी रंजिश सामने नहीं आई है और न ही अजहर के साथ किसी गलत हरकत के संकेत मिले हैं। ऐसे में बड़ी संभावना है कि अजहर ने कुछ ऐसा देख लिया, जिसका भेद खुलने के डर से किसी ने उसकी जान ले ली।
अजहर के भाई शानू ने बताया कि तीन भाई और एक बहन में वह सबसे छोटा था, कक्षा दो तक पढ़ाई करने के बाद पांच साल से पढ़ाई नहीं कर रहा था। बहन मुस्कान की पिछले दिनों दिल्ली में शादी हुई है। वह ईद पर घर आई थी और तब से यहीं है। मंगलवार को उसका पति शाहरुख आया था। पड़ोस की शादी की वजह से परिवार में भी हंसी खुशी का माहौल था। अजहर मस्ती में अकेला दावत खाने चला गया। उसे लोगों ने बरातघर में भी देखा। वहां से वह किसके साथ किधर चला गया यह पता नहीं चला। शानू ने बताया कि उनके परिवार का किसी से सीधा झगड़ा नहीं हुआ। छह महीने पहले पड़ोस में रहने वाली फूफी अपने घर का नया दरवाजा निकाल रहीं थीं। तब उनका पड़ोसी से विवाद हो गया था। इस मामले में उन लोगों ने फूफी का पक्ष लिया तो पड़ोसी से कुछ मनमुटाव हो गया। वह मामला अब कोर्ट में है। उन्हें नहीं लगता कि इतनी सी वजह से कोई उसके भाई की हत्या करेगा।
परिवार के बताने पर जगतपुर चौकी प्रभारी अशोक कुमार ने बरातघर जाकर जांच की पर वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। पुलिस अब आसपास की दुकानों के कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि अजहर के आसपास मौजूद रहे लोगों की जानकारी हो सके। अशोक कुमार का कहना है कि हत्या कहीं और करके शव उनके क्षेत्र में डाला गया है, मौके पर हत्या या संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला है। अजहर की मौत के बाद उसकी मां शमा परवीन का बुरा हाल है।
शव निकाला तो मौके पर लगी भीड़
अजहर का शव जिस प्लॉट में मिला वह एक भवन का खंडहर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अभी तक यह जमाल मंसूरी की संपत्ति थी जिसका कुछ हिस्सा उन्होंने बेच दिया। आसपास के लोग यहां कचरा डालते हैं। शव निकाला गया तो सैकड़ों की संख्या में भीड़ जुट गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई पर कुछ खास क्लू नहीं मिला। पुलिस इस इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी चेक कर रही है।