बरेली। शहर में दिन के वक्त ओवरलोड वाहनों की नो एंट्री बस कागजों में ही है। असलियत में ट्रैफिक पुलिसकर्मी और उनके सहयोगी होमगार्ड ही वसूली करके ऐसे वाहनों को एंट्री देते हैं। बुधवार को एक जागरुक युवक ने अपने मोबाइल से कुछ वीडियो और ऑडियो बनाए जिसमें होमगार्ड उसे हड़का रहा है।
युवक ने इस बारे में ट्रैफिक पुलिस के जिम्मेदार लोगों से भी शिकायत की है। बताया है कि वह सुरेश शर्मा नगर चौराहे पर खड़ा था। वहां बजरी से भरा हुआ विशाल कैंटर आया और रोड किनारे खाली कराया जाने लगा। सामने ही दो होमगार्ड बैठे गपशप कर रहे थे। उसने पूछा कि यह मिट्टी और रेत की ट्रालियां और बजरी के ट्रक का ढुलान क्यों नहीं रोक रहे हो। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। तब होमगार्ड ने कहा की सब पैसे लेते हैं, वह कुछ नहीं कर सकता। तभी एक मिट्टी भरी ट्रॉली को रोका गया। उसने कहा की टीआई साहब से बात हो गई है। तब होमगार्ड ने कहा कि उसकी ड्यूटी अभी चेंज हुई है। मुझे पैसे दो, नहीं तो अभी एसपी ट्रैफिक को कॉल कर रहा हूं। ट्रॉली वाले ने 50 रुपये दिए तब उसे जाने दिया। होमगार्ड ने युवक को दुकान वाला समझ कर कहा कि तुम्हारा ड्रामा उठाकर फेंक दूंगा और 50 होमगार्ड बुला लूंगा। एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार का कहना था कि उन्हें अभी ऐसा कोई वीडियो या ऑडियो नहीं मिला है। वह शिकायत की जांच कराएंगे।