बरेली। नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त की बहाली के बाद मेयर उमेश गौतम और भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा के नेतृत्व में भाजपा के पार्षद एडीजी अविनाश चंद्र से मिले। उन्होंने चौकी इंचार्ज की ओर से पार्षदों के खिलाफ कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर को गलत बताकर खत्म कराने की मांग की। एडीजी ने पार्षदों को निष्पक्ष का आश्वासन दिया। इसके बाद सीओ सिटी और कोतवाल को अपने कार्यालय में बुलाकर चारों एफआईआर का ब्योरा भी समझा।
भाजपा पार्षदों के खिलाफ अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे मेयर उमेश गौतम और भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा के साथ 14-15 पार्षद एडीजी अविनाश चंद्र से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। एडीजी को बताया कि सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट में पार्षदों पर अयूब खां चौराहे से नगर निगम परिसर तक नगर आयुक्त की शवयात्रा निकालने का आरोप है। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम से अयूब खां चौराहे तक कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिनकी फुटेज देखने से साफ हो जाएगा कि शव यात्रा निकली है या नहीं। उन्होंने कहा कि पार्षदों के खिलाफ कोतवाली में दर्ज सभी रिपोर्ट फर्जी हैं जिन्हें खत्म किया जाए। भाजपा पार्षद दल के उपनेता छंगामल मौर्य ने एक पत्र भी एडीजी को दिया गया जिस पर कई पार्षदों के हस्ताक्षर हैं। एडीजी ने मेयर और पार्षदो ंको सभी मामलों में निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। एडीजी ने इसके बाद सीओ सिटी कुलदीप कुमार और कोतवाली पंकज वर्मा को अपने कार्यालय में तलब कर उनसे भाजपा पार्षदों के खिलाफ दर्ज चारों मुकदमों के बारे में एक-एक करके जानकारी भी हासिल की।
मेयर के साथ कुछ पार्षद आए थे। उनका कहना है कि उनके खिलाफ कोतवाली में दर्ज हुए मुकदमे गलत तरीके से लिखाए गए हैं, जिन्हें खत्म किया जाए। सीओ सिटी और कोतवाल को बुलाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। -अविनाश चंद्र, एडीजी, बरेली