बहेड़ी। दुर्विजय के खेत में मिट्टी खोदने के दौरान देसी बम फटने पर धमका इतनी तेज हुआ कि चुरैला व चुरैली गांव में मकान हिल गए। अचानक हुए धमाके और घर हिलने से लोग दहशत में आ गये। घरों में मौजूद लोग निकलकर बाहर भागे और एक-दूसरे से धमाके के बारे में पूछते रहे। खेत में बम फटने का पता लगने पर लोगों ने राहत की सांस ली। धमाके के बाद नदी किनारे खड़ी झाड़ियों आग लग गई थी। जिसे मौके पर जमा हुए ग्रामीणों ने किसी तरह बुझाया। बहेड़ी क्षेत्र के चुरैली व चुरैैला गांव आसपास हैं।
खेत में किसने रखा बम, पुलिस पड़ताल में जुटी
मामले में नामजद रिपोर्ट भले लिखा दी गई हो, लेकिन पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है। चुरैला व चुरैली गांव के कुछ लोग अवैैध असलाह बनाने का धंधा करते हैं। पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि देसी बम कहीं बनाने के दौरान तो नहीं फटा था। फील्ड यूनिट को मौके पर प्लास्टिक की बोतल के अलावा फटा कपड़ा मिला है। घायल दुर्विजय व उनके बेटे का क्राइम रिकॉर्ड भी तलाशा जा रहा है। खुफिया विभाग भी जांच में जुटे हैं।
भाजपा विधायक पहुंचे चुरैला
शाम को भाजपा विधायक छत्रपाल सिंह चुरैला गांव पहुंचे और घटना के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की। पीड़ित परिवार से बातचीत की। इसके बाद घायलों को देखने मेडिकल कॉलेज चले गए।
हेलीकाप्टर से बम फेंकने की अफवाह से इलाके में मची खलबली
दोपहर को इलाके में हेलीकाप्टर से बम फेंके जाने और दो लोगों के मरने अफवाह फैली। इसकी पुष्टि के लिए लोगों के पास जिले के कई क्षेत्रों से फोन पहुंचने लगे। इसके बाद बहेड़ी कस्बा तक के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। इससे पुलिस को भीड़ कंट्रोल करने को कड़ी मशक्कत करने पड़ी।
किस्मत अच्छी थी सो बच गए मेहुल व भरत
दुर्विजय सिंह के साथ उसके तीनों बेटे मिट्टी खोदने गए थे। सबसे छोटा मेहुल सिंह धमाके से पांच मिनट पहले घर चला गया था। दूसरे नंबर का भरत सिंह धमाके से दो मिनट पहले लघुशंका के लिए पड़ोस के खेत में गया। इससे दोनों चपेट में आने से बच गई। भरत में दौड़कर गांव में जाकर घटना की जानकारी दी थी।