बरेली। क्राइम ब्रांच ने मोबाइल की लोकेशन के आधार पर चाइल्ड केयर शेल्टर होम से तीन दिन पहले लापता हुई किशोरी के वापस अपने गृह जनपद बिहार के वैशाली जिले में पहुंच जाने की पुष्टि की है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि वह अपने घर में है या किन्हीं और हाथों में। पिछले सप्ताह जंक्शन पर भटकती मिली किशोरी को इज्जतनगर पुलिस ने शेल्टर होम भेजा था जहां से तीन दिन पहले वह लापता हो गई थी। शेल्टर होम के एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी ले गई थी।
वैशाली जिले की 14 वर्षीय किशोरी 23 मई को जंक्शन पर भटकते मिली थी, उसे इज्जतनगर पुलिस के सुपुर्द किया गया जिसने उसे चाइल्ड केयर के कोआर्डिनेटर गजेंद्र सिंह के सुपुर्द कर दिया था। पूछताछ में किशोरी ने बताया था कि उसे जंक्शन से एक ऑटो वाला आशुतोष सिटी लेकर आया था। इसके बाद उसे एयरफोर्स ले जाकर वहां किसी अधिकारी से उसकी मुलाकात कराई गई। उन्होंने ही उसे पुलिस को सौंप दिया। किशोरी ने बताया कि घर से भागने से पहले बरेली में उसकी किसी शख्स से फोन पर बात होती थी। उसी से मिलने वह यहां चली आई थी। किशोरी ने यह भी बताया कि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में और कोई नहीं है। बुधवार सुबह शेल्टर होम के दो कर्मचारी बाहर चाय पीने गए थे। एक महिला कर्मचारी कमरे में थी। आरोप है कि लड़की ने बहाने से उसका मोबाइल लिया और उसे कमरे में बंद करके भाग गई। काफी देर तलाश करने के बाद जिला प्रोबेेशन अधिकारी नीता अहिरवार को सूचना दी गई। तब से पुलिस और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही थी। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि किशोरी के पास मौजूद मोबाइल की लोकेशन अब बिहार के वैशाली जिले में आ रही है।