ममरी (लखीमपुर खीरी)। गुरुवार की शाम वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र में घास काटने गए हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अयोध्यापुर के एक व्यक्ति को गन्ने के खेत में बैठे तेंदुए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वहीं सुंदरपुर गांव में गन्ने की फसल में दवा छिड़कने गए किसान पर भी बाघ ने हमला किया। हालांकि वह बाल बाल बच गए। दोनों घटनाओं की जानकारी वनकर्मियों को दी गई है।
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अयोध्यापुर निवासी 50 वर्षीय नोखेलाल शुक्रवार को पांच बजे देवीपुर वीट जंगल से 300 मीटर दूर गन्ने के खेत में घास काटने गए थे। जहां तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। नोखेलाल के शोर मचाने पर गांव के लोग लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से जंगल की ओर चला गया। सूचना पर पहुंचे फारेस्टर रामप्रसाद, रामनरेश वर्मा, वनरक्षक राजेश आदि वनकर्मियों ने हमले की पुष्टि की। बताया कि घायल नोखेलाल को सीएचसी गोला भेजा गया है। गांव वालों का आरोप है कि पिछले वर्ष 27 सितंबर को बाघ ने इसी स्थान पर गांव के ही 45 वर्षीय कंधईलाल को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इस हमले के बाद काफी हंगामा भी हुआ था।
उधर शुक्रवार की शाम गन्ने में दवा का छिड़काव करने गए ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर ग्रंट के मजरा सुंदरपुर निवासी रामभजन बाघ के हमले में बाल बाल बच गए। खेतों में मौजूद गुड्डू, छत्रपाल, अतुल वर्मा ने बताया कि गन्ने में छिपे बाघ ने जैसे ही छलांग लगाई वैसे ही रामभजन शोर मचाते हुए भागे। कई लोगों का समूह देख बाध कठिना नदी की झाड़ी में चला गया। बाघ और तेंदुए के बढ़ते हमलों से लोग दहशत में हैं। सुंदरपुर प्रधान रामविलास, बीडीसी रामकुमार वर्मा, अवधेश आदि का कहना है कि बाघ और तेंदुए प्राय: लोगों पर हमला कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी निगरानी की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन जंगल के किनारे कोई वनकर्मी दिखाई नहीं पड़ता, जिससे आए दिन हो रहे हमलों से ग्रामीण भयभीत हैं।
बाघ और तेंदुए के हमले की सूचना मिली है। वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया है। जिन्हें घायलों को अस्पताल पहुुंचाने को कहा गया है। साथ ही गांव वालों को सतर्कता बरतने, खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी जा रही है।
- मोबीन आरिफ, रेंजर- मोहम्मदी महेशपुर।
गांव अयोध्यापुर में तेंदुए और सुंदरपुर में बाघ के हमले से एक-एक ग्रामीण के मामूली घायल होने की सूचना मिली है। वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है, जो लोगों को जागरूक करने के लिए ही बाघ और तेंदुआ की गिगरानी में जुटी है।
- समीर वर्मा, डीएफओ-साउथ
अब टाइगर गार्जियन करेंगे निगरानी
लखीमपुर खीरी। तराई में जंगल से सटे खेतों में विचरण कर रहे बाघ और तेंदुओं पर शिकारियों की नजर हो सकती है। इस आशंका से वन महकमा चिंतित है। मोहम्मदी महेशपुर रेंज में एक साथ अलग-अलग स्थानों पर बाघ और तेंदुए के हमले भी आए दिन हो रहे हैं। जो ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब है। वन विभाग ने इन समस्याओं से निपटने के लिए जंगल से लगे इलाकों में टाइगर गार्जिन बताने की योजना बनाई है। ये टाइर गार्जिन वन्य जीवों की सुरक्षा के साथ ही ग्रामीणों पर भी होने वाले वन्यजीवों के हमले पर नजर रखेंगे। उनका प्रयास होगा कि मनुष्य और वन्यजीवों के बीच सामंजस्य बना रहे।
जंगल से बाहर खेतों में विचरण करने वाले बाघों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग एक सुरक्षा चक्र तैयार कर रहा है। इसके तहत वन विभाग की टीमें और एसपीटीएफ के जवान जंगल से बाहर आने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास तौर पर मुस्तैद रहेंगे। पहले तो इन वन्यजीवों को सुरक्षित जंगल में भेजने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच इन वन्यजीवों की लोकेशन और मूवमेंट का मैप तैयार किया जाएगा। जंगल के बाहर बाघ और तेंदुओं के मूवमेंट पर पूरी नजर रखी जाएगी ताकि वे किसी शिकारी के हत्थे न चढ़ सकें। इस दौरान बाघ या तेंदुआ भी हमलावर होगा तो उसकी भी निगरानी हो सकेगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि बाघ और तेंदुए के जंगल से बाहर होने पर वन विभाग के सामने वैसे भी वन्यजीव के साथ इंसानों की सुरक्षा की बड़ी चुनौती होती है। अब इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि जंगल से निकला बाघ या तेंदुआ आबादी की ओर न बढ़ने पाए। जंगल के बाहर वन्यजीवों की सुरक्षा के सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा। जंगल से सटे गांवों में कुछ जागरूक लोगों को टाइगर गार्जियन बनाया जा रहा है। यह टाइगर गार्जियन बाघों की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही वन विभाग के सूचनातंत्र का भी एक हिस्सा होंगे। जंगल के आसपास बसे गांवों में बाहर से आने वाले और ठहरने वाले लोगों पर भी खास नजर रखेगी। संदिग्ध लोगों के मिलने पर उसकी जांच होगी।
महेशपुर रेंज में हुईं बाघ और तेंदुआ के हमले की घटनाएं
13अप्रैल 2017- देवियापुर निवासी 40वर्षीय शर्मादीन की मौत।
28अगस्त 2017 - पसियापुर के 52वर्षीय नरायनलाल की मौत
21 अक्तूबर 2017- अशर्फीगंज के 24वर्षीय लालाराम की मौत।
16नवंबर 2017 - महेशपुर निवासी 45 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश की मौत।
पहली जून 2018- दूलीपुर के 30 वर्षीय गजराज बाघ के हमले में घायल।
19 सितंबर 2018- नयागांव निवासी 32 वर्षीय बसरुद्दीन घायल।
27 सितंबर 2018- अयोध्यापुर का 52वर्षीय कंधईलाल बाघ के हमले में घायल।
18 जून 2018- गन्ने की सिंचाई करने गए सुंदरपुर के किसान बालकराम को बाघ ने हमला कर मार डाला था।
सात फरवरी 2019- बाघ के हमले में रायपुर के कृपाराम घायल।
23मई 2019- तेंदुए के हमले में गंगापुर के गुलशन कुमार घायल।