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मैं मिलिट्री हॉस्पिटल में बंधक हूं.. प्लीज मुझे यहां से छुड़ाइए

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बरेली। एक ‘मेजर’ की ओर से मंगलवार देर रात खुद को मिलिट्री हॉस्पिटल में बंधक बना लिए जाने की सूचना दी गई तो कैंट पुलिस हरकत में आ गई। मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंची तो वहां गेट पर ही रोक दिया गया। काफी देर तनातनी के बावजूद सेना के जवानों ने पुलिस को अंदर नहीं घुसने दिया तो थाने से और फोर्स पहुंच गया। इसके बाद करीब दो घंटे तक पुलिस मिलिट्री हॉस्पिटल के गेट पर ही डेरा डाले रही। आखिरकार हॉस्पिटल के इंचार्ज ने पुलिस को बताया कि जिस ‘मेजर’ ने उसे खुद को बंधक बनाने की सूचना दी है, उसके मानसिक रोग का इलाज चल रहा है। सात दिन तक उसे निगरानी पर रखकर सेना के उच्चाधिकारियों को भी रिपोर्ट दी जानी है। पुलिस को माजरा समझ में आया तो ‘मेजर’ की हरकत पर झुंझलाती हुई लौट गई।
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मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे बीआई बाजार चौकी इंचार्ज विक्रांत आर्य के मोबाइल नंबर पर कॉल आई और दूसरी तरफ से बोल रहे शख्स ने खुद को मेजर बताते हुए कहा कि उसे मिलिट्री हॉस्पिटल में ‘बंधक’ बना लिया गया। उसके मदद मांगने पर चौकी इंचार्ज फौरन मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंच गए, लेकिन जवानों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। करीब 20 मिनट तक तनातनी के बाद भी वे अंदर नहीं घुस सके तो लौट गए। करीब आधे घंटे बाद उसी नंबर से दोबारा कॉल आई। ‘मुझे बचा लो’ चिल्लाते हुए ‘मेजर’ ने फिर मदद मांगी तो उन्होंने उसे 100 नंबर पर कॉल करने का सुझाव दिया। 100 नंबर पर फोन गया तो कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए सूचना दी गई। कोतवाली से मामला फिर कैंट पुलिस को रेफर कर दिया गया। थाने से निर्देश मिलने पर चौकी इंचार्ज विक्रांत आर्य फिर फोर्स लेकर अस्पताल पहुंचे। करीब घंटे भर उनकी जवानों से तीखी नोंकझोंक हुई। तब कहीं हॉस्पिटल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर मेजर चौबे बाहर आए। उन्होंने पुलिस को बताया, जिसने उसे फोन किया था उसे सात दिनों के लिए मनोरोगी वार्ड में भर्ती किया गया है। किसी तरह उसके हाथ फोन लग गया और उन्होंने गलत सूचना दे दी। माजरा समझ में आने के बाद पुलिस लौट गयी।

रात में मिलिट्री हॉस्पिटल से कॉल आई थी, कॉल करने वाले ने खुद को मेजर बताते हुए अस्पताल स्टाफ पर उसे बंधक बनाने और जान से मारने की कोशिश करने की शिकायत की। मुझे हॉस्पिटल गेट पर जवानों ने अंदर जाने नहीं दिया तो मैं फोर्स लेकर दोबारा पहुंचा। नाइट ईएमओ ने कॉलर के मनोरोगी होने की जानकारी दी तो टीम लौट आयी। - विक्रांत आर्य, चौकी इंचार्ज बीआई बाजार
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