बरेली। लोगों को मोटा मुनाफा देने का लालच देकर 25 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले हेल्थ केयर कंपनी के संचालकों में से एक एडमिन बुधवार शाम निवेशकों के हत्थे चढ़ गया। उसे ले जाकर उन लोगों ने इज्जतनगर पुलिस को सौंप दिया। मगर इज्जतनगर पुलिस कंपनी संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय निवेशकों को ही धमकाने लगी। वर्दी के डर से घबराए निवेशक आरोपी को थाने में छोड़कर चुपचाप चले गए। अब उन्होंने कोर्ट में शरण में जाने का मन बना लिया है।
इस हेल्थ केयर कंपनी का दफ्तर इज्जतनगर इलाके में सौफुटा रोड पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल के ऊपर खुला था। कंपनी का सीएमडी, उसकी पत्नी व कंपनी की एमडी भोजीपुरा इलाके के धौराटांडा के मूल निवासी हैं। एडमिन हाफिजगंज थाना क्षेत्र के आसपुर गांव का रहने वाला है। आरोप है कि इन लोगों ने स्कीम के मुताबिक लोगों को सात हजार रुपये जमा करके दो साल तक 2100 रुपये प्रति माह देने का लालच देकर जोड़ा था। उनके जरिए 25 करोड़ से अधिक रुपये जमा करा लिए। शुरुआत में एक-दो माह 2100 रुपये के हिसाब से भुगतान किया, फिर कंपनी का सॉफ्टवेयर खराब बताकर पेमेंट बंद कर दिया। लोगों के दबाव बनाने पर संचालक दफ्तर में ताला डालकर फरार हो गए।
24 मई 2019 को कंपनी संचालकों के खिलाफ थाना इज्जतनगर में तहरीर दी गई थी। मगर पुलिस मामले को दबाकर बैठ गई। बुधवार शाम निवेशकों ने कंपनी के एडमिन को पकड़ लिया। उसे इज्जतनगर थाने लेकर पहुंचे। मगर पुलिस ने आरोपी के बजाय निवेशकों से ही पूछताछ की। उन्हें हेल्थ केयर कंपनी का एजेंट बताकर कार्रवाई की धमकी दी। पुलिस की धमकी से घबराए निवेशक आरोपी को छोड़कर थाने से चले गए। उनका कहना है कि वे इंसाफ पाने के लिए कोर्ट की शरण में जाएंगे।