बरेली। बरेली पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शिकायत करने वाले एनआरआई की बहन और भांजे को बिथरी पुलिस ने अमर उजाला में खबर छपने के बाद जेल भेज दिया। एनआरआई ने कार्रवाई पर संतुष्टि जाहिर की है। उम्मीद जताई है कि बाकी चार आरोपी भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
न्यूयार्क में रह रहे संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व सलाहकार डॉ. आफताब आलम बड़े कृषि वैज्ञानिक भी हैं। डॉ. आफताब के मुताबिक वे सूफी टोला के मूल निवासी हैं और अपना मकान बहन को रहने के लिए दे दिया था। माता-पिता की मृत्यु के बाद मकान खाली करने को कहने पर बहन झगड़ा करने लगीं। आरोप है कि वर्ष 2017 में वे न्यूयार्क से रिश्तेदार की शादी में शामिल होने बरेली आए तो बहन के परिवारवालों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। उनके गले और सीने में चाकू लगे। बारादरी थाने में रिपोर्ट कराकर वह चले गए। मगर विवेचक ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर मामले में एफआर लगा दी। उन्हें पता लगा तो एडीजी से शिकायत की। तत्कालीन एडीजी प्रेमप्रकाश ने एफआर निरस्त कर बिथरी चैनपुर पुलिस को दोबारा विवेचना के निर्देश दिए। विवेचना एसएसआई मनोज वर्मा कर रहे हैं। सोमवार को डॉ. आलम की खबर छपने के बाद वर्मा ने उनकी बहन शहनाज पत्नी वाजिद, और शहनाज के बेटे अली रजा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।