फरीदपुर। बरेली-सीतापुर फोरलेन पर फरीदपुर बाईपास काफी दरक गया है। पिछले साल भी यह बाईपास काफी जगह टूट गया था। एनएचएआई ने इसकी मरम्मत भी कराई थी, लेकिन भारी ट्रैफिक के बीच ये काम टिक नहीं सका। इससे यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। इस हाईवे का अभी से ये हाल है तो आने वाली बारिश में इसकी क्या स्थिति होगी? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
बरेली-सीतापुर फोरलेन का काम इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी ने लिया था, लेकिन बैंकों की अरबों की रकम हजम करके कंपनी भाग गई। पिछले साल फरीदपुर में एनएचएआई ने इसकी एफआईआर भी दर्ज कराई, लेकिन इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी के भागने के बाद खस्ताहाल यह हाईवे बारिश में दरकता और टूटता रहा। सबसे ज्यादा खतरनाक स्थित फरीदपुर बाईपास की रही। इसकी मरम्मत कराने में अफसरों के पसीने छूट गए। पिछले सात 7.50 करोड़ रुपये खर्च भी हुए, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। बारिश का मौसम फिर आने वाला है, इस बार तो मार्ग की हालत काफी खराब हो गई है।
फरीदपुर बाईपास की मरम्मत के लिए मिट्टी के कट्टे लगाए गए थे, जो खिसक गए हैं। बाईपास पर रोड भी काफी दरक चुकी है। इससे कार के पहिए उसमें फंसने से दुर्घटनाएं होने लगी हैं। बावजूद इसके एनएचएआई के अधिकारी कोई सुध नहीं ले रहे। हाल में कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने एनएचएआई के चेयरमैन से इस हाईवे को लेकर बातचीत की थी। बताया जाता है कि हाईवे की मरम्मत के लिए 6.50 करोड़ रुपये पास तो हो चुके हैं, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है।
आए दिन एक्सीडेंट में कई लोग गंवा चुके हैं जान
फरीदपुर बाईपास पर करीब दो माह पूर्व दुर्घटना हुई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इस रविवार को ऐसा हादसा सुबह हुआ, जब शव लेकर जा रही कार दरक रहे बाईपास पर असंतुलित हो गई और कई फिट गहरे खाई में पलट गई।
अधूरे पुल पर शुरू हो गया ट्रैफिक
बाईपास दरकने के बाद ओवरब्रिज, जो बीसलपुर-फरीदपुर रोड पर बना हआ था उसको बंद कर दिया गया था, लेकिन इस पर ट्रैफिक फिर शुरू हो गया है। इससे यहां हादसे की आशंका बनी रहती है। यह ओवरब्रिज पिछले साल ही बारिश के दौरान दरकने लगा था।
इस हाईवे की मरम्मत के लिए एनएचएआई अफसरों से बात हो गई है। साढ़े छह करोड़ से इसकी मरम्मत का काम जल्द से जल्द शुरू कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।
- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर