बरेली। कैंट थाना क्षेत्र निवासी डेयरी संचालक कालू यादव के तीन पशुओं को चार दिन पहले पशु तस्करों ने काट डाला था। तब से पुराने खराब अनुभव की वजह से वे थाने में रिपोर्ट कराने नहीं गए थे। सोमवार को अमर उजाला ने कालू की विवशता की खबर छापी। तब चीता पुलिस को भेजकर इंस्पेक्टर ने कालू को घर से बुलाया। उनकी तहरीर पर रिपोर्ट लिख ली गई।
कैंट के यादव मोहल्ले में डेयरी चलाने वाले कालू यादव के पशु गुरुवार को चरने गए थे। शाम को दो भैंस और एक गाय नहीं लौटीं। शुक्रवार सुबह कालू को पता लगा कि तीनों पशुओं को तस्करों ने अगवा कर बंगला नंबर 29 के पास काट डाला है। कालू को वहां पशुओं के अवशेष भी मिल गए। वे परेशान हुए पर थाने में तहरीर देने नहीं गए। उन्होंने बताया कि उनकी बस्ती और क्षेत्र से अक्सर पशु चोरी होते रहते हैं पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती, उल्टे सवाल पूछती है। इसलिए जाना बेकार है। कालू की टीस को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा तो इंस्पेक्टर अशोक पाल ने कालू यादव को चीता पुलिस भेजकर बुलवा लिया। उन्होंने पूछा कि आप तहरीर देने क्यों नहीं आए तो कालू ने पुराने इंस्पेक्टर और स्टाफ के साथ अपने खराब अनुभव साझा किए। कहा कि नुकसान के बाद बेइज्जती के डर से थाने नहीं जाते। तब इंस्पेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। कालू ने ठिरिया निजावत खां निवासी रियासत के खिलाफ तहरीर दी जिसके खेत में पशु काटा गया था। इंस्पेक्टर ने तत्काल रिपोर्ट कर चाय पिलाकर कालू यादव को घर भिजवाया। बाद में इंस्पेक्टर खुद मौके पर निरीक्षण करने गए। बंगला नंबर 29 में लीज पर रहने वाले लोगों से बात की। कहा कि जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।