बदायूं। अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म के आरोपी को स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट अशोक कुमार ने मुजरिम मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर दस हजार का जुर्माना भी डाला है।
महिला से दुष्कर्म की यह घटना साढ़े पांच साल पहले थाना अलापुर क्षेत्र में घटी थी। इस थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने सात दिसंबर 2013 को रिपोर्ट लिखाई थी कि वह कपड़ों पर प्रेस करने का काम घर पर ही करती थी। घटना के दिन जब वह कपड़ों पर प्रेस कर रही थी तभी ककराला के मुहल्ला साहूकारा निवासी कदीर अहमद आया। उस समय उसका पति मजदूरी करने बाहर गया था। कदीर अहमद ने उसे घर में दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए, तब आरोपी भाग गया। उसने जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता का पति जब घर आया तब वह रिपोर्ट लिखाने थाना अलापुर पहुंची। जहां उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उच्चाधिकारियों को कहने पर भी रिपोर्ट नहीं हुई। हारकर उसने न्यायालय में परिवाद दायर किया। स्पेशल जज अशोक कुमार ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद महिला से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी, जातिसूचक गालियां देने के आरोप में कदीर को मुजरिम करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुुनाई। उस पर दस हजार का जुर्माना भी डाला गया है।