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तस्करों ने की पुलिस पर पिकअप चढ़ाने की कोशिश

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वाहन चेकिंग बंद होती ही पशु तस्करों ने फिर शुरू किया धंधा

हेडिंग- सड़क किनारे ना कूदती पुलिस टीम तो कुचल देते तस्कर

क्रासर
पशु तस्करों ने की पुलिस टीम पर पिकअप चढ़ाने की कोशिश की
ग्रामीणों की मदद से ड्राइवर समेत दो गिरफ्तार, सात गोवंशीय पशु बरामद

अमर उजाला ब्यूरो
हाफिजगंज (बरेली)। चुनाव संपन्न होते ही गोवंशीय पशुओं की तस्करी फिर तेज हो गई है। बुधवार रात गोवंशीय पशुओं को पिकअप में ठूंसकर ले जा रहे चालक को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो तस्करों ने पुलिस टीम को कुचलने की कोशिश की। सड़क किनारे कूदकर टीम ने अपनी जान बचाई। हालांकि बाद में पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक बाइक भी पुलिस ने कब्जे में ले ली। साथ ही पिकअप में ठूंसकर भरे गए सात गोवंशीय पशुओं को भी बरामद कर लिया। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
देर रात एक बजे गांव कुंवरपुर बंजरिया से भंडसर की तरफ एक पिकअप तेजी से जा रही थी। पशु तस्करी की सूचना पर एसआई शनि कुमार और दो सिपाहियों ने गाड़ी रुकवाने की कोशिश की तो तो तस्करों ने स्टेयरिंग पुलिस की ओर ही मोड़ दिया। पुलिस टीम ने सड़क से कूदकर जान बचाई। पुलिस टीम ने तुरंत डायल 100 को सूचना दी। भंडसर के करीब पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी कर गाड़ी को घेर लिया। पीछे बैठे तस्कर गाड़ी से कूदकर भाग निकले, लेकिन ड्राइवर समेत दो लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गाड़ी में सात गोवंशीय पशु बेसुध हालत में पैर बांधकर ठूंसे गए थे। तस्करों का एक साथी बाइक से इनके साथ चल रहा था। पुलिस को देख वो भी बाइक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस वाहन समेत आरोपियों को थाने ले आई। आरोपियों में से एक शाहिद हुसैन निवासी मोहल्ला जाटवपुर रिठौरा और दूसरा राजकुमार निवासी मुड़िया थाना भुता का निकला। एसपी देहात संसार सिंह ने बताया कि पुलिस ने ड्राइवर व एक तस्कर को पकड़ लिया है। सात पशु बरामद किए गए हैं जिनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। बाकी तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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घुमंतू पशुओं को बनाते हैं निशाना
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह लोग गांवों में छुट्टा घूमने वाले जानवरों को दिन में पकड़कर खेतों में बांध देते हैं। रात में मौका पाकर इन्हें वाहनों से ले जाते हैं और मांस काटकर बेच देते हैं। यह पशु भी घुमंतू ही थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है, जल्द आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। इंस्पेक्टर सौरभ सिंह ने बताया कि उनके दूसरे साथियों के नाम पते मालूम कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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गोवंशीय में काले पशु तस्करों की पसंद
हाफिजगंज क्षेत्र में तस्करी के मामले में बरामद गोवंशीय पशुओं में अधिकांश काले रंग के हैं। इस बात को लेकर पुलिस भी अचरज में है कि तस्कर काले पशुओं को ही क्यों निशाना बना रहे हैं। सुड़ियावा में एक काला गोवंशीय पशु काटकर अवशेष तालाब में फेंके गए थे। लाडपुर गौंटिया गांव के सामने बंद पडे़ ईट भट्ठे में भी काले गोवंशीय पशु को काटकर अवशेष डाले गए। सेंथल में भी काला पशु काटा गया। कल मुबारकपुर में काटा गया पशु भी काले रंग का था। पुलिस का मानना है कि ऐसे पशुओं को कोई वाहन में जाते वक्त देख भी ले तो उसे भैंस होने का भ्रम होता है और ज्यादा पूछताछ नहीं होती। काले कलर की खाल भी आसानी से खपाई जा सकती है। इस कलर की खाल को तस्कर काले जानवर की खाल के साथ मिक्स कर आसानी से तस्करी कर लेते हैं।
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