रामनगर में पांडव कालीन खंडहर में मौजूद भीम गदा को बौद्ध स्तूप बताकर पूजा-अर्चना करने वाले बौद्ध अनुयायियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के लिए चौकीदार की ओर से पुरातत्व विभाग के आगरा मुख्यालय को पत्र भेजने के साथ थाना सिरौली में तहरीर भी दे दी है। उधर, भीम गदा पर पूजा करने वाले बसपा के पूर्व कोआर्डिनेटर ने धमकी दी है कि अगर उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई हुई तो बौद्ध अनुयायी आंदोलन करेंगे।
पुरातत्व विभाग संरक्षित अवशेषों के चौकीदार नसरुद्दीन की ओर से सिरौली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि भीमगदा को देखने के लिए रोजाना 100 से 200 लोग आते हैं। सोमवार की सुबह कुछ बौद्ध अनुयायी दर्शक बनकर पहुंचे और भीम गदा की पूजा शुरू कर दी। यह बात पता चलने पर उन्होंने भीमगदा पर जाकर किसी तरह की धार्मिक गतिविधि करने के लिए मना किया तो वे लोग उनसे कुछ देर बहस करने के बाद चले गए। हालांकि चौकीदार की तहरीर पर पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। उधर, इस मामले के बाद पुरातत्व विभाग आगरा ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से संरक्षित स्थल की सुरक्षा बढ़ाने की दरख्वास्त की है।
चौकीदार द्वारा भेजी गई शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई के लिए उस पर विभागीय कवरिंग लेटर लगाकर पुलिस के पास भेजा जाएगा। - गुलाब दीक्षित, सीओ पुरातत्व विभाग, आगरा
इस मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है, न ही कोई व्यक्ति इस बाबत मुझसे मिलने आया है। - रामौतार यादव, एसओ सिरौली
रामनगर के खंडहर में पहले भी यज्ञ, हवन, भंडारे होते आए हैं। हमने कोई नई परंपरा नहीं डाली है। जांच कर ली जाए तो पता चल जाएगा कि यह बौद्ध स्तूप है या भीमगदा। यदि मेरे खिलाफ कोई उत्पीड़न की कार्रवाई की गई तो बौद्ध अनुयायी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
- दीनदयाल एडवोकेट, पूर्व कोआर्डिनेटर बसपा