बरेली। रिटायर्ड दरोगा की बेटी की निजी अस्पताल में बीमारी से मौत हो गई। मायकेवालों ने ससुरालवालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। दो दिन पहले ही वे सुभाषनगर थाने में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट करा चुके थे। अब उसे दहेज हत्या में तरमीम करने की मांग की है। हालांकि, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपों को निराधार बता रही है।
बिशारतगंज के अखा गांव निवासी सेठराम दरोगा के पद से सालभर पहले ही रिटायर हुए हैं। उन्होंने तेरह महीने पहले बेटी सीमा की शादी बीडीए कॉलोनी निवासी अखिलेश से की थी। अखिलेश सर्जिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी में काम करता है और मूल रूप से करेली का निवासी है। सीमा के भाई सोनू ने बताया कि पहले दो शादियां कर चुके अखिलेश ने तीन महीने पहले बेटी का जन्म होने के बाद से पत्नी का उत्पीड़न शुरू कर दिया था। वह पिता के रिटायरमेंट की रकम में से पांच लाख रुपये मांग रहा था। बहन बीमार रहने लगी तो घर से भगा दिया। तब से वही लोग बहन का इलाज करा रहे थे। उन्होंने बताया कि होली के दिन से बहन निजी अस्पताल में भर्ती थी। शनिवार रात डेढ़ बजे वहीं उसकी मौत हो गई। पिता की ओर से 22 मार्च को ही बहनोई अखिलेश, उसके भाई कैलाश, कैलाश की पत्नी, मां चमेली देवी और अखिलेश के दोस्त प्रदीप के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट कराई गई थी। अब वे मामला दहेज हत्या में बदलने की मांग करेंगे। वहीं, पोस्टमार्टम में सीमा की मौत बीमारी से होने की पुष्टि हुई है। उसके शरीर के कई अंगों में पस भरा था। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। इंस्पेक्टर हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि सीमा काफी समय से मायके में थी। मायकेवालों की मौजूदगी में मौत हुई, जिसकी वजह बीमारी आ रही है। ऐसे में दहेज हत्या का आरोप गलत लग रहा है। फिर भी जांच करा ली जाएगी। ससुरालवाले दोषी निकले तो कार्रवाई करेंगे।