फेस्टिवल सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग साइटों पर आपाधापी का माहौल है। जोन एडीजी प्रेमप्रकाश ही सप्ताह भर में दो बार इन शॉपिंग साइट की गड़बड़ियों का शिकार हुए। पहली बार उन्होंने चार ऑर्डर किए लेकिन एक ही डिलीवर हुआ। दोबारा दो ऑर्डर किए, फिर भी एक ही डिलीवर हुआ लेकिन कैश ऑन डिलीवरी होने के चलते उन्होंने इस बार कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। एडीजी ने बताया कि एक बार धोखा खाने के बाद उन्होंने एक अन्य शॉपिंग कंपनी से दो खिलौनों का ऑर्डर बुक किया। मगर इस बार एडवांस भुगतान न करके कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुना। शुक्रवार को कंपनी से कोरियर पहुंचा, मगर उसमें सिर्फ एक ही खिलौना था। बिल भी एक ही खिलौने का था इसलिए उन्होंने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। उधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पेटीएम एवं कोरियर कंपनी के अधिकारी बैकफुट पर आ गए। उन्होंने खुद को बचाने के लिए एडीजी द्वारा ऑर्डर किए गए सारे खिलौने उनके आवास पर पहुंचा दिए।
यह था मामला
एडीजी प्रेमप्रकाश ने 26 सितंबर को अपने चार नाती-पोता के लिए पेटीएम ऐप से चार खिलौनों का ऑर्डर किया था। इनकी डिलीवरी छह अक्तूबर को उनके गाजियाबाद स्थित आवास पर होनी थी। मगर इनमें से सिर्फ एक खिलौने की डिलीवरी ही तय समय में हुई। बाकी खिलौने नहीं पहुंचे। कंपनी से संपर्क किया तो कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला। इस पर बुधवार को एडीजी ने पेटीएम एवं गति कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, तय समय में सामान की डिलीवरी नहीं करने और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी। अब इस मामले में कोतवाली पुलिस पेटीएम और कोरियर कंपनी को बयान के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है।