शौहर ने बीवी को मौखिक तलाक दिया, लेकिन बीवी ने सुना ही नहीं। बौखलाये शौहर ने फर्जी तलाकनामा तैयार करवाकर बीवी को बेघर कर दिया। भोजीपुरा थाने से मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा, जहां शौहर का फर्जीवाड़ा पकड़ लिया गया।
भोजीपुरा निवासी युवक का 26 जून 2015 को बादापुर गांव की युवती से निकाह हुआ था। शौहर का आरोप था कि बीवी आधुनिक विचारों की है। वह आए दिन झगड़ा करती थी। शौहर ने यह आरोप भी लगाया कि उसकी बीवी के बहनोई से अवैध संबंध थे, जिसके चलते वह तलाक देने का दबाव बना रही थी। शौहर के मुताबिक, उसने 15 मई 2017 को मौखिक तलाक दिया था। उधर, बीवी ने कहा कि उसने तलाक सुना ही नहीं। शरीयत के मुताबिक भी बीवी ने अगर तलाक नहीं सुना तो तलाक मुकम्मल नहीं माना जाएगा। इसी बीच थाना भोजीपुरा में पीड़िता के जादोपुर निवासी भाई ने तहरीर सौंपी कि ससुराल वाले उनकी बहन से मारपीट करते थे। मिट्टी का तेल डालकर जलाने की कोशिश के बाद उसे 15 मई को घर से निकाल दिया गया था। थाने से मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा, जहां पति ने तलाकनामा पेश किया। काउंसलर विजय अग्रवाल ने तलाकनामा की जांच करवाई तो यह फर्जी पाया गया। उन्होंने फर्जी तलाकनामा बनवाने के लिए एफआईआर की तैयारी शुरू की तो शौहर ने माफी मांग ली। बीवी को साथ रखने पर भी रजामंद हो गया। अब बुधवार को भी दोनों का मामला परिवार परामर्श केंद्र में रखा जाना है।