बहेड़ी (बरेली)।
तेल माफिया ने रिछा कस्बे मेें एक घर में केरोसिन में मिलावट करके डीजल बनाने की फैक्ट्री बना रखी थी। पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीमों ने छापामारी करके सालों से एक घर में चल रहे केरोसिन में केमिकल मिलाकर डीजल बनाने का गोरखधंधा पकड़ लिया। छापामारी में दो हजार लीटर केरोसिन, तीन ड्रम नकली डीजल सहित कई उपकरण बरामदग किए। एक बदमाश को भी गिरफ्तार किया गया। आपूर्ति विभाग ने डीएम को रिपोर्ट बनाकर भेजी है। डीएम कार्यालय से अनुमोदन के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रामशरण और लिपिक शहनवाज अतहर को खबर मिली कि रिछा में रहने वाला इस्माइल पुत्र रफीक अहमद केरोसिन में केमिकल की मिलावट करके नकली डीजल बनाकर बेचने का धंधा कर रहा है। एसडीएम ममता मालवीय को जानकारी देने के बाद देवरनियां पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीम के साथ शनिवार दोपहर 11 बजे छापामारी कर दी। ड्रमों में भरा करीब दो हजार लीटर केरोसिन और तीन ड्रम नकली डीजल बरामद किया गया। इसके अलावा तेल निकालने की मशीन, छोटे केन, नपना आदि सामान मिला। आपूर्ति विभाग की टीम ने सारा सामान जब्त कर लिया।
इधर मौका भांपकर इस्माइल भागने लगा तो पुलिस ने उसे धर दबोचा और थाने लाकर बैठा दिया। वहीं आपूर्ति विभाग ने एक रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को दी। एसडीएम ने आरोपी के खिलाफ धारा 3/7 के तहत कार्रवाई करने की संस्तुति करते हुए डीएम को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। डीएम के आदेश मिलते ही पुलिस आरोपी के खिलाफ मुकदमा कायम करेगी।
जल्दी अमीर बनने को शुरू किया काला धंधा
इस्माइल ने टीम को बताया कि वह कोटेदारों, कार्ड धारकों से सीधे केरोसिन की खरीद करता था। उसके बाद उसे केमिकल डालकर डीजल बना देता था। फिर इसे ऊंचे दाम पर गांव के ट्रैक्टर चालकों, डीजल इंजन चलाने वालों को बेच देता था। इस कमाई से उसने पहले अपना घर बनवा लिया। लंबा बैंक बैलेंस भी बना लिया था।
केरोसिन का कारोबार करने वाला आरोपी पकड़ा गया है। डीएम का आदेश मिलते ही उसके खिलाफ मुकदमा कायम करा दिया जायेगा। आपूर्ति विभाग की टीम को आदेश दिए हैं कि इस तरह का कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करें। - ममता मालवीय, एसडीएम बहेड़ी
बड़ा खेल है मिलावटी पेट्रोल और डीजल का
बरेली।
जनपद में मिलावटी पेट्रोल और डीजल का बड़ा खेल है। देवचरा के स्नेह कोल्ड स्टोरेज पर प्रशासन और पुलिस की छापामारी मेें बरेली, कानपुर और गुजरात के नेटवर्क का भंडा फोड़ हो चुका है। तेल माफियाओं के नाम भी सामने आए, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई में भी खेल कर दिये थे। अधिकारियों के दबाव के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। जिसकी जांच फिलहाल मीरगंज पुलिस कर रही है। वहीं आंवला के ऑयल डिपो से निकले वाले टैंकरों से प्रतिदिन की तेल चोरी किसी से छिपी नहीं है। कई दफा बदमाशों की गिरफ्तारियां हुई है। त्रिशूल एयर बेस का जंगी जहाजों का ईंधन तक चोरी करके मिलावट करके बाजार में बेचने का मामला सामने आ चुका है। सभी मुकदमों में पुलिस के हाथ से असली तेल के खिलाड़ी बचे रहते हैं।