बरेली। पीलीभीत जिले की एक युवती की शहर के निजी अस्पताल में मौत के बाद शव देने से इनकार किया गया तो घरवालों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि अस्पताल प्रबंधन की दलील सही है। घरवाले बिना पोस्टमार्टम शव ले जाना चाहते हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन उन्हें रोक रहा था। हालांकि बाद में जरूरी लिखापढ़ी के बाद शव सौंप दिया गया।
पीलीभीत शहर की नई बस्ती निवासी सूरजपाल मौर्य ई रिक्शा चलाकर परिवार पालते हैं। एक साल पहले उन्होंने बेटी मधु (19) की शादी माधोटांडा के गांव सिरसा निवासी केंद्रपाल से की थी। सप्ताह भर पहले मधु की ससुराल में ही संदिग्ध हालात में झुलस गई थी। तब से वह बरेली में विकास भवन रोड पर एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। बुधवार को उसकी मौत हो गई। घरवाले शव ले जाने लगे तो अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें रोक लिया। हंगामे के बाद बारादरी पुलिस पहुंची। सूरजपाल का कहना था कि अस्पताल वाले जबरन पोस्टमार्टम कराने पर तुले थे जबकि उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी थी। उनके दामाद ने अपनी सारी जमीन बेचकर इलाज में खर्च कर दी, वे नहीं चाहते कि दामाद को परेशानी हो। पोस्टमार्टम होगा तो रिपोर्ट भी लिखानी पड़ेगी। पुलिस ने समझाया कि बिना रिपोर्ट के भी वे पोस्टमार्टम करा सकते हैं। इस तरह की मौत के मामलों में यह जरूरी प्रक्रिया है पर वे नहीं माने तो पंचनामा भरकर शव ले जाने दिया।