बरेली। बिहार के गया शहर से मौसी के घर जाने को ट्रेन में बैठकर निकले दो बच्चे बरेली जीआरपी ने सुरक्षित उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंप दिए। उनके परिवार को सूचना दे दी गई है। बुधवार को परिवार यहां आकर बच्चों को ले जाएगा।
गया निवासी बलवीर का बेटा रॉकी रंजन अपने चचेरे भाई संजय कुमार पुत्र सुधीर ठाकुर के साथ मंगलवार सुबह घर से निकल आया था। दोनों बच्चे छठी कक्षा के छात्र हैं। जब काफी देर तक इनका पता नहीं लगा तो परिजनों ने गया पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। किसी ने जानकारी दी कि बच्चों को लुधियाना जाने वाली डुप्लीकेट मेल में बैठते देखा गया था। तब गया पुलिस ने जीआरपी की मदद ली। गया जीआरपी के सीओ ने बच्चों के फोटो सभी व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर कर दिए। उन्होंने यूपी जीआरपी को भी सूचना दी। ट्रेस करते हुए बरेली जंक्शन जीआरपी के इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार को पता लगा कि बच्चे इसी ट्रेन में हैं। ये ट्रेन भी बरेली आने की बजाय कैंट स्टेशन से चंदौसी होकर निकल जाती है। तब इंस्पेक्टर अपनी टीम को साथ कैंट स्टेशन पहुंचे। वहां ट्रेन रुकवाकर तलाशी ली तो बच्चे मिल गए। इंस्पेक्टर ने बच्चे चाइल्ड हेल्पलाइन के हवाले कर इनके परिजनों को सूचना दे दी। बच्चों ने बताया कि लुधियाना में उनकी मौसी रहती हैं, वे उन्हीं के घर जा रहे थे।