बरेली। शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने अपने पेट्रोल पंप पर लूटपाट और बार-बार मारपीट के बावजूद आरोपियों के न पकड़े जाने को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल क्या उठाया, इसकी गूंज डीजीपी मुख्यालय तक पहुंच गई। मुख्यालय से सुबह से ही बरेली के अफसरों के फोन बजने शुरू हुए तो पुलिस भी हरकत में आ गई। शहर विधायक के दर्द पर मरहम लगाने के लिए आनन-फानन में तीन युवकों को उठाकर थाने पर बैठा लिया गया। पुलिस दावा कर रही है कि ये वही युवक हैं जो विधायक के पेट्रोल पंप पर स्टाफ से मारपीट करते नजर आए हैं। कुछ और गिरफ्तारियां करने की बात कही जा रही है।
शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार का थाना इज्जतनगर क्षेत्र के गांव पीर बहोड़ा में पेट्रोल पंप है। शनिवार को उन्होंने थाना इज्जतनगर में एफआईआर दर्ज कराई थी कि आसपास के इलाकों के उपद्रवी उनके पेट्रोल पंप पर अक्सर उत्पात मचाते हैं। बार-बार वहां मारपीट कर स्टाफ के साथ उन पर दबाव बनाना चाहते हैं। बार-बार होने वाली इस गुंडई से उनका स्टाफ इस कदर भयभीत हो गया है कि बार-बार नौकरी छोड़कर चला जाता है। विधायक ने एफआईआर में यह भी लिखवाया कि इन घटनाओं से इस कदर दहशत का माहौल है कि कारोबार करना मुश्किल हो गया है। वह कई बार पुलिस से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है। मारपीट करने वाले अराजक तत्व जरा भी विरोध करने पर फोन करके 20-30 और लोगों को बुला लेते हैं। 12 जनवरी की रात को इसी तरह एक मोटर साइकिल पर आए तीन लोगों ने उनके सेल्समैन शेखर से हाथापाई के बाद पूरे स्टाफ से मारपीट की और एक हजार रुपये लूट ले गए थे।
शहर विधायक की ओर से कानून-व्यवस्था की पोल खोलने वाली यह एफआईआर लिखाने के बाद सुबह ही डीजीपी मुख्यालय हरकत में आ गया। डीजीपी मुख्यालय से बरेली के अफसरों से मामला पूछा गया तो इसकी हलचल थाना इज्जतनगर में नजर आई। तीन लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया गया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने विधायक के पेट्रोल पंप पर मारपीट की थी।
सीसीटीवी कैमरे में गुंडई का नजारा
पुलिस ने पेट्रोल पंप की फुटेज भी कब्जे में ली है। इसमें एक सफेद कार डीजल भरवाने के दौरान कार चालक बोतल में डीजल देने को कहता है। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक आते है। पंप का स्टाफ बोतल में डीजल नहीं देता है। बाइक पर आए युवक बहस करते हुए नजर आते हैं। कुछ देर में वह चले जाते हैं, लेकिन चंद मिनट बाद कुछ अन्य लड़कों के साथ वापस लौटते हैं। स्टाफ से हाथापाई शुरू हो जाती है, जो करीब पंद्रह मिनट तक चलती है। अफरा तफरी का माहौल साफ नजर आता है।
डिप्टी सीएम की बैठक में विधायकों के
बीच चर्चा में रहा शहर विधायक का दर्द
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की बैठक में रविवार को मंडल भर के विधायक और भाजपा पदाधिकारी आए थे। इनके बीच भी शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार के गुंडागर्दी का शिकार बनने की चर्चा होती रही। विधायकों को पता चला कि डॉ. अरुण ने अपने पेट्रोल पंप पर गुंडागर्दी को लेकर इस तरह की रिपोर्ट दर्ज कराई है तो वे बार-बार उनसे मामले की जानकारी लेते रहे। डॉ. अरुण ने साथी विधायकों से बातचीत में उम्मीद जताई कि पुलिस एक्शन ले रही है। शायद अब उनके पेट्रोल पंप पर दोबारा गुंडागर्दी न हो। विधायकों ने उनसे यह मामला डिप्टी सीएम के सामने उठाने की भी बात कही, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया। बोले- यह डिप्टी सीएम से कहने लायक मामला नहीं है।